--Advertisement--

सतलुज किनारे रहते किसान न निकालें : भाकियू

Dainik Bhaskar

May 24, 2018, 02:10 AM IST

Chamkaur Sahib News - भास्कर संवाददाता | चमकौर साहिब भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) जिला रोपड़ द्वारा जिला अध्यक्ष चरण सिंह मुंडीया के...

सतलुज किनारे रहते किसान न निकालें : भाकियू
भास्कर संवाददाता | चमकौर साहिब

भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) जिला रोपड़ द्वारा जिला अध्यक्ष चरण सिंह मुंडीया के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी को दो विभिन्न मांग पत्र दिए। इनमें उन्होंने मांग की कि दरिया सतलुज नजदीक रहते किसानों को निकाला न जाए और दूसरे मांग पत्र में मांग की कि खंड मिल मोरिंडा द्वारा 2017-18 का किसानों का 53 करोड़ रुपए बकाया जल्द जारी करवाया जाए।

मांग पत्रों की कॉपी प्रेस को देते जिला अध्यक्ष चरण सिंह मुंडीया और ब्लाॅक चमकौर साहिब के अध्यक्ष गुरनाम सिंह जटाणा ने बताया कि पिछले कई दशक से सतलुज दरिया के आसपास बेअबाद पड़ी जमीन को गरीब किसानों ने बड़ी मेहनत के साथ ठीक करके खेती योग्य बनाया था लेकिन अब सरकार इन किसानों को वहां से निकाल रही है। मांग पत्र में मांग की कि इन अाबादकार किसानों को निकालने की जगह उक्त जमीनें सरकारी रेट पर किस्त में किसानों को देने के बाद पैसे पूरे होने पर इन जमीनों का इंतकाल किसानों के नाम कर दिए जाए। दूसरे मांग पत्र में मांग की गई कि किसानों का शुगर मिल मोरिंडा की तरफ बकाया 53 करोड़ रुपए जल्द जारी करवाया जाए। जत्थेबंदी ने बताया कि मिल बंद हुई को दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। किसान अपना पैसा लेने के लिए बार-बार मिल के चक्कर काट रहे हैं। इस मौके जत्थेबंदी के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे।

खंड मिल मोरिंडा से 53 करोड़ रुपए बकाया जारी कराने की मांग

भास्कर संवाददाता | चमकौर साहिब

भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) जिला रोपड़ द्वारा जिला अध्यक्ष चरण सिंह मुंडीया के नेतृत्व में कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी को दो विभिन्न मांग पत्र दिए। इनमें उन्होंने मांग की कि दरिया सतलुज नजदीक रहते किसानों को निकाला न जाए और दूसरे मांग पत्र में मांग की कि खंड मिल मोरिंडा द्वारा 2017-18 का किसानों का 53 करोड़ रुपए बकाया जल्द जारी करवाया जाए।

मांग पत्रों की कॉपी प्रेस को देते जिला अध्यक्ष चरण सिंह मुंडीया और ब्लाॅक चमकौर साहिब के अध्यक्ष गुरनाम सिंह जटाणा ने बताया कि पिछले कई दशक से सतलुज दरिया के आसपास बेअबाद पड़ी जमीन को गरीब किसानों ने बड़ी मेहनत के साथ ठीक करके खेती योग्य बनाया था लेकिन अब सरकार इन किसानों को वहां से निकाल रही है। मांग पत्र में मांग की कि इन अाबादकार किसानों को निकालने की जगह उक्त जमीनें सरकारी रेट पर किस्त में किसानों को देने के बाद पैसे पूरे होने पर इन जमीनों का इंतकाल किसानों के नाम कर दिए जाए। दूसरे मांग पत्र में मांग की गई कि किसानों का शुगर मिल मोरिंडा की तरफ बकाया 53 करोड़ रुपए जल्द जारी करवाया जाए। जत्थेबंदी ने बताया कि मिल बंद हुई को दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। किसान अपना पैसा लेने के लिए बार-बार मिल के चक्कर काट रहे हैं। इस मौके जत्थेबंदी के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे।

X
सतलुज किनारे रहते किसान न निकालें : भाकियू
Astrology

Recommended

Click to listen..