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ईडी ने अकाली नेताओं की प्रॉपर्टियां सेल और ट्रांसफर करने पर लगाई रोक, अब होंगी अटैच

परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर जालंधर-होशियारपुर हाइवे के 100 करोड़ी लैंड स्कैम में फंसे दो अकाली नेताओं और एक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 05, 2018, 02:05 AM IST

परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर

जालंधर-होशियारपुर हाइवे के 100 करोड़ी लैंड स्कैम में फंसे दो अकाली नेताओं और एक कारोबारी की प्रॉपर्टी को अटैच करने की कार्रवाई ईडी ने शुरू कर दी है। ईडी ने सब रजिस्ट्रार होशियारपुर को चिट्टी लिखकर अकाली नेता सतविंदर पाल सिंह ढट्ट और अवतार सिंह जौहल के साथ-साथ एक कारोबारी की प्रापर्टियों की सेल पर रोक लगा दी है। बता दें कि 2016 में भास्कर ने इस 100 करोड़ के हाईवे लैंड स्कैम का बड़ा खुलासा किया था। इस मामले में उस समय के एसडीएम आनंद सागर शर्मा, अकाली नेता सतविंदर पाल सिंह ढट्ट, अवतार सिंह जौहल, अकाली पार्षद हरपिंदर सिंह गिल, तहसीलदार वरजिंदर सिंह और नायब तहसीलदार मनजीत सिंह के साथ साथ कई लोगों के खिलाफ विजिलैंस ने 1 फरवरी 2017 मामला दायर किया था। इसके बाद ईडी ने भी मामला दायर कर एसडीएम आनंद सागर शर्मा के पटियाला स्थित घर में रेड भी मारी थी और शर्मा दीवार फांद कर भाग गए थे।

होशियारपुर-जालंधर फोरलेन 100 करोड़ी हाईवे स्कैम

फर्जी काॅलोनियां बनाकर पंजाब सरकार को लगाया था चूना

असल में होशियारपुर-जालंधर रोड को फोर लेन करने के लिए नेशनल हाईवे अथॉर्टी ने जमीन एक्वायर करने के लिए पंजाब सरकार को लिखा था। इसके लिए कलेक्टर की पावर उस समय के एसडीएम आनंद सागर शर्मा को दे दी गई और उसने अकाली नेता ढट्ट, जौहल, हरपिंदर गिल समेत कई और शहर के कारोबारियों के साथ मिलकर पिपलांवाला के साथ साथ की जमीनें सस्ते दाम में जमीनें खरीद लीं। यही नहीं नोटीफिकेशन जारी होने के बावजूद 60 के करीब रजिस्ट्रियां कर दीं। सबसे ज्यादा रजिस्ट्रियां पिपलांवाला के उन जगह पर की गई जहां से बाईपास निकलना था। यही नहीं वहां बाकायदा तौर पर एक फर्जी कालोनी बनाई गई ताकि उसका ज्यादा पैसा मिल सके।

किसानों से 30 हजार मरला जमीन खरीदी, सरकार को 7 लाख मरला बेच दी

यह जमीन लैंड एक्यूजेशन एक्ट 1957 और 2013 के तहत जहां पर जमीन एक्वायर की गई जिसमें सरकार जमीन का मार्किट के हिसाब के साथ साथ रेट तो देती ही है उल्ट उसका मुड़ वसेवां के तहत 100 फीसदी ऊपर देती है और हैरानी की बात तो यह है कि वहां पर 30 हजार रुपए प्रति मरला के हिसाब से किसानों से खरीदी हुई जमीन आगे सरकार को 7 लाख रुपए के हिसाब से दे दी गई।

सब रजिस्ट्रार को चिट्‌ठी| भास्कर के हाथ लगे दस्तावेजों के मुताबिक ईडी ऑफिस जालंधर ने सब रजिस्ट्रार होशियारपुर को 24 अप्रैल को लिखी चिट्ठी में कहा है कि इनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 2002 के तहत कार्रवाई चल रही है और इनकी जमीन अटैच की जानी है। इसमें सतविंदर पाल सिंह ढट्ट और उनके परिवार मेंबरों की खवासपुर, पुरहीरां, अम्बाला जट्टां और उनके गांव रमदासपुर समेत 17 एकड़ की 26 प्रापर्टियां शामिल हैं। इसी तरह अवतार सिंह जौहल की सिंगड़ीवाला, खवासपुर, हरदोखानपुर, कहरवाली जीटी रोड दसूहा, जालंधर के तल्लन की कुल 5 एकड़ की 9 प्रॉपर्टियां शामिल हैं।

तल्लन में जौहल ने खरीदी 12 कनाल जमीन बता दें कि होशियारपुर-जालंधर हाईवे फोर लेन प्रोजेक्ट का एक बाईपास जंडूसिंघा से पहले जालंधर-लुधियाना हाईवे से मिलना है जोकि गांव तल्लन से होकर जाएगा। इसी कारण जौहल समेत कुछ लोगों ने वहां भी जमीन एक्वायर होने से पहले ही किसानों से सस्ते दाम में जमीनें खरीद रखी हैं ताकि वहां पर भी मोटी कमाई की जा सके। जौहल की वहां 12 कनाल जमीन बताई जा रही है और वह उसी हाईवे के नक्शे में है।

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