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दिल्ली तक पहुंची भाजपा गुटबंदी की रिपोर्ट, जिले में नेताओं को एकजुट करना बड़ी चुनौती

परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर गत रविवार को जिला भाजपा की ओर से पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश भाजपाध्यक्ष श्वेत मलिक...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 25, 2018, 02:15 AM IST

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    परमिंदर बरियाणा | होशियारपुर

    गत रविवार को जिला भाजपा की ओर से पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश भाजपाध्यक्ष श्वेत मलिक के स्वागत समारोह में भाजपा की गुटबाजी दिल्ली तक पहुंच गई है। स्थानीय नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों ने भी आला कमान को यहां की गुटबाजी की रिपोर्ट दी है। उल्लेखनीय है कि स्वागत समारोह में समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं का जयकारा लगाया था। इसे देखते हुए श्वेत मलिक को स्टेज से ही नसीहत देनी पड़ी थी कि मतभेद तो ठीक है लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। वहीं, इस समारोह में किराए पर लाए गए हार से प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत की खबर भी आलाकमान तक पहुंच चुकी है। जिला अध्यक्ष डा. रमन घई के कट्टर विरोधियों ने किराए के हार के मुद्दे को दिल्ली में खूब उछाला। हालांकि घई ने इस बात को सिरे से नकार दिया। यहां यह बात भी उल्लेखनीय है कि होशियारपुर लोकसभा से केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला का चुनाव लड़ना लगभग तय है। हालांकि उनके विरोधी किसी और को टिकट दिलवाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। अकाली-भाजपा गठजोड़ में होशियारपुर लोकसभा हलका भाजपा के खाते में है और यहां से विजय सांपला भाजपा के सांसद हैं। सांपला गुट के अलावा शहर में तीक्ष्ण सूद और अविनाश राय खन्ना गुट भी सक्रिय है। इसी बीच डा. घई ने अपना एक अलग गुट खड़ा कर लिया लेकिन घई के संबंध तीक्ष्ण, खन्ना और सांपला के साथ भी ठीक रहे हैं।

    जिले के बड़े चेहरों में मतभेद, मंच पर एक पर मन से नहीं

    विजय सांपला अविनाश राय

    तीक्ष्ण सूद

    डॉ. रमन घई

    होशियारपुर में 7 विधानसभा हलके हैं। अकाली-भाजपा के गठबंधन के अनुसार 3 सीटें भाजपा के खाते में आती हैं। इसमें होशियारपुर, दसूहा और मुकेरियां शामिल हैं। होशियारपुर के अलावा इन दो सीटों पर भी भाजपा की गुटबंदी साफ दिखती है। यह दोनों सीटें भाजपा हार गई थी। दसूहा में सुखजीत कौर साही की हार के बाद कई भाजपा नेताओं ने इस ओर रूख कर लिया है। इसके पीछे भी सांपला गुट की सरगर्मियां नजर आ रही हैं। मुकेरियां में अरुणेश शाकर के खिलाफ भाजपा से अलग हुए जंगी लाल महाजन खड़े हैं। ऐसे में इन दो हलकों में भी भाजपा की गुटबंदी का असर पड़ेगा। हैरानी की बात तो यह है कि इस गुटबंदी को खत्म करने के लिए सांपला ने भी कोई गंभीर कदम नहीं उठाए।

    किराए के हार से स्वागत पर सस्पेंस बरकरार

    होशियारपुर के बाद मुकेरियां में भी प्रदेशाध्यक्ष श्वेत मलिक का स्वागत समारोह रखा गया था। होशियारपुर के समारोह में श्वेत मलिक को किराए का हार पहनाया गया था। हालांकि जिला भाजपा अध्यक्ष डा. घई ने साफ कर दिया था कि यह हार पैसे देकर बनवाया गया था न कि किराए पर लाया गया है, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब हार पहनाए जाने के बाद हार लेकर स्टेज से एक व्यक्ति चलता बना। हालांकि इस बारे में डा. रमन घई ने बताया कि हार ले जाने वाले व्यक्ति मुकेरियां का ही पुराना भाजपा वर्कर था। इसी दौरान भाजपा के अदरुनी हलकों में यह भी चर्चा रही कि कहीं इसी हार से मुकेरियां में भी मलिक का स्वागत नहीं किया गया। जब इस संबंध में डा. घई से पूछा गया तो उन्होंने इस बात की तो पुष्टि की कि यह हार मुकेरियां के नेता लेकर गए थे, लेकिन उन्होंने इस बात से अज्ञानता प्रकट की कि होशियारपुर वाले हार को ही मुकेरियां में पहनाया गया था।

    अब भाजपा में चंदा एकत्र करने पर भी विवाद देखें पेज | 3

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