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पर्याप्त बिजली न मिलने से सूख रहे खेत, किसान बोले- हर 4 घंटे पर लग जाता है कट, एक एकड़ की सिंचाई में लगता है पूरा दिन

Dasua News - शिव कुमार बावा | होशियारपुर मुकेरियां, तलवाड़ा, दसूहा, पस्सी कंडी और शिवालिक पहाड़ियों के साथ कंडी नहर के साथ लगते...

Dainik Bhaskar

Jun 27, 2018, 02:15 AM IST
पर्याप्त बिजली न मिलने से सूख रहे खेत, किसान बोले- हर 4 घंटे पर लग जाता है कट, एक एकड़ की सिंचाई में लगता है पूरा दिन
शिव कुमार बावा | होशियारपुर

मुकेरियां, तलवाड़ा, दसूहा, पस्सी कंडी और शिवालिक पहाड़ियों के साथ कंडी नहर के साथ लगते पहाड़ी गावों में धान, मक्की और गन्ने की बिजाई का काम पूरे जोर पर है लेकिन बिजली की सही और पूरी सप्लाई न मिलने के कारण किसान परेशान हैं। बिजली के बार-बार कट लगने से धान लगाने के लिए खेतों की पूरी तरह सिंचाई नहीं हो पा रही। दूसरी तरफ डीजल के रेट बढ़ने और जल स्तर गिरने से समस्या विकराल हो गई है। हालांकि जिला होशियारपुर के कंडी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली सप्लाई का प्रावधान है लेकिन किसानों का कहना है कि उन्हें लगातार 4 घंटे भी बिजली नहीं मिल रही। कट लगने के बाद जब तक दोबारा बिजली आती है तब तक धान के लिए सींचा हुआ खेत धूप के कारण सूख जाता है। गांव में पानी की किल्लत और बिजली सप्लाई के समस्या के विरुद्ध साल 2017 में 28 और 2018 में अब तक 6 प्रदर्शन हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई सुनवाई ही नहीं की। गांव आनंदगढ़, भेडुआ और मैदानी गावों के किसानों जरनैल सिंह, अवतार सिंह और गुरपाल सिंह ने बताया कि बिजली के कटों से वह परेशान हैं। उनके अाधे सींचे खेत कट लगने से सूख जाते हैं।

जिला होशियारपुर के कंडी और मैदानी गावों में बिजली के कट के कारण धान की बिजाई के लिए सिंचाई से अधूरे पड़े तैयार खेत। -भास्कर

जिले में इस बार 65000 हेक्टेयर रकबे में धान की बिजाई

खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारी हरमिंदर सिंह और दलजीत सिंह ने बताया कि पानी का स्तर नीचे गिरने के कारण साल 2017-18 में धान की फसल जिला में 75000 हेक्टेयर में थी लेकिन 2018-19 में इसको 65000 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसी तरह मक्की पिछले साल 56000 हेक्टेयर में थी और अब 64000 और गन्ना 23000 से बढ़ाकर 24000 हेक्टेयर कर दिया है। किसानों को धान की जगह मक्की, गन्ना और दालों की बिजाई के लिए प्रेरित किया गया है।

इन गांवों में सबसे अधिक समस्या | गांव खन्नी, बद्दोवाल, गजर, महदूद, ललवान, जंडोली, भेड़या, चक्क नाथा, जंडियाला, कहारपुर, नूरपुर ब्राह्मणा, कालेवाल भगतां, फतेहपुर, कोठी, रामपुर, झंजोवाल, मैली, पनाहपुर, सूना, सरंगवाल, परसोवाल, मेहनग्रोवाल, मेघोवाल दोआबा, सतनौर, रामपुर, भजल, बीरमपुर, तखनी समेत कंडी के 56 के करीब ऐसे गांव हैं, यहां पीने वाले पानी की किल्लत और बिजली के कटों के कारण लोग बेहाल हैं।

24 घंटे क्या 4 घंटे भी लगातार नहीं आ रही बिजली : मट्टू

कंडी संघर्ष कमेटी के प्रधान दर्शन सिंह मट्टू ने कहा कि जिला होशियारपुर के कंडी इलाके में किसानों को 24 घंटे तो क्या 4 घंटे भी बिजली की लगातार सप्लाई नहीं दी जा रही। इससे धान, मक्की और गन्ने की फसल का बड़े स्तर पर नुकसान हो रहा है। डीजल की बढ़ी कीमतों ने किसानों की कमर पहले ही तोड़ रखी है।

पिछले दिनों लगे बिजली के कट






कंडी और मैदानी क्षेत्र में 24 घंटे दे रहे सप्लाई : एससी

इस संबंध में पॉवरकाम के एससी एचएस सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला होशियारपुर में कंडी और मैदानी क्षेत्र में किसानों को बिजली की सप्लाई लगातार 24 घंटे दी जा रही है। बिजली की खराबी के समय ही कट लगते हैं लेकिन विभाग उनको ठीक कर सप्लाई उसी समय चालू कर देता है।

कंडी में बिजली की कटौती सिर्फ अफवाह : कैबिनेट मंत्री

कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने कहा कि सरकार कंडी हलके के सभी खराब ट्यूबवेलों को ठीक करवाया जा रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत तो पूरे पंजाब में आती है। कंडी में बिजली की कोई कटौती नहीं की गई, यह अफवाह विरोधी पार्टियों के कुछ लोग सरकार को बदनाम करने की लिए कर रहे हैं।

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