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चौरासी लाख योनियों के बाद मिलता है मानव जीवन : जय शंकर शास्त्री

भास्कर संवाददाता | दातारपुर गांव चौकी में देहरी माता मंदिर के परिसर में महंत रमेश दास महाराज की अध्यक्षता में...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:20 AM IST
भास्कर संवाददाता | दातारपुर

गांव चौकी में देहरी माता मंदिर के परिसर में महंत रमेश दास महाराज की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है श्रीमद् भागवत कथा की बैठक में कथावाचक आचार्य जय शंकर शास्त्री ने बताया कि चौरासी लाख योनियां भोगने के बाद मानव जीवन प्राप्त होता है और मानव जीवन ही एक ऐसा है जिसमे इंसान अपना दुख दर्द किसी के आगे रख सकता है।

उन्होंने कहा कि संसार मे जीव-जंतु, पशु-पक्षी, जानवर इन सबको भी भगवान की कृपा से इस धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त होता है लेकिन उनका और मानव का जीवन व्यतीत करने का अलग तरीका है। उन्होंने कहा कि सिर्फ इंसान को भगवान ने बल, बुद्धि, जुबान व हर कार्य के लिए अंग दिए हैं परंतु अगर हम फिर भी उन जानवरों जैसी हरकतें करें तो मानव जीवन बेकार है। इंसान को अपना जीवन प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए। बैठक में शक्ति दुर्गा माता मंदिर दातारपुर की प्रबंधक सुश्री देवा मां हाजिर हुई और सुंदर भजनों का गुणगान किया। इस मौके पर गोपाल शर्मा, हरि ओम शर्मा, रमन शर्मा, वेद प्रकाश शर्मा, अविनाश शर्मा, सुदर्शन शर्मा, नरेन्द्र शर्मा, दिनेश टीनू, रजनीश बिट्टू, अश्वनी नंदा, महिन्द्र भारद्वाज, धर्मपाल काकू, लीला देवी, शीला देवी, अनीता, आशा, किरण कांता, डिंपल, सुदेश कुमारी, रीटा, तृप्ता, ममता, पूनम आदि मौजूद थे।