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फिरोजपुर में हुए काम तो जमीनी स्तर पर दिख रहे हैं, परंतु मोगा में ऐसा नहीं

23 दिसंबर 2017 को भास्कर ने बताया था कि केंद्रीय सर्वे में देश के 115 जिले पिछड़ी श्रेणी में आए हैं, जिनमें पंजाब के दो जिले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 24, 2018, 02:15 AM IST

23 दिसंबर 2017 को भास्कर ने बताया था कि केंद्रीय सर्वे में देश के 115 जिले पिछड़ी श्रेणी में आए हैं, जिनमें पंजाब के दो जिले मोगा व फिरोजपुर शामिल है। इन जिलों में अब तक हुए काम की मॉनिटरिंग करने शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री हरसिमरत कौर बादल डीसी कार्यालय पहुंची। जहां उन्होंने जिले के अधिकारियों व कांग्रेस के तीनों विधायकों के साथ 2 घंटे बैठक की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री बादल ने अधिकारियों को केंद्रीय स्कीमों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गत दो-तीन महीनों में जिला फिरोजपुर में हुए काम तो जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं, परंतु मोगा में ऐसा नहीं है। अभी सेहत विभाग के पास पूरा आंकड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि काम में गति लाई जाए। अप्रैल महीने से सप्ताह दर सप्ताह इसकी मॉनिटरिंग होगी। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर सहित सीनियर कप्तान पुलिस राजजीत सिंह हुंदल, एडीसी जगविंदरजीत सिंह ग्रेवाल, एडीसी डी विकास राजेश त्रिपाठी सहित सहायक कमिश्नर हरप्रीत सिंह अटवाल, एसडीएम सुखप्रीत सिंह सिद्धू, एसडीएम धर्मकोट गुरविंदर सिंह जौहल, एसडीएम बाघापुराना अमरबीर सिंह सिद्धू, भी हाजिर थे।

पिछड़े जिलों के विकास को 2022 तक मुकम्मल करने की योजना

डीसी कार्यालय में मोगा जिले के विकास कार्य की मॉनिटरिंग करने के लिएे अलग-अलग विभागों के अधिकारियों व विधायकों से बैठक करतीं केंद्रीय फूड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल। -भास्कर

बैठक में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा आर्थिक तौर पर विकास में पिछड़े देश के 115 जिलों के सर्वपक्षीय विकास के लिए विशेष योजना तय की गई है ताकि इन जिलों का पिछड़ापन दूर कर लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा किया जा सके। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा देश के सबसे पिछड़े जिलों के विकास को 2022 तक मुकम्मल करने की योजना बनाई है। भारत सरकार द्वारा इन जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास, शिक्षा, सेहत, खेतीबाड़ी, हुनर विकास, रोजगार समेत ओर क्षेत्रों में सुधार के अलावा इन क्षेत्रों में विकास को तरजीह दी जाएगी। खेती आर्थिकता पंजाब की रीढ़ की हड्डी है और भारत सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग के छोटे-बड़े उद्योग स्थापित करने के लिए बड़े स्तर पर अनुदान व कर्जे का प्रबंध है। जिसका ज्यादा से ज्यादा उद्यमियों को लाभ उठाना चाहिए।

विधायकों की मांग- बेरोजगारी दूर करने के लिए जिले में उद्योग स्थापित किए जाएं

इस मौके पर विधायक डॉ. हरजोत कमल, विधायक बाघापुराना दर्शन सिंह बराड़ व विधायक धर्मकोट सुखजीत सिंह लोहगढ़ ने किसानों की खुदकुशियों पर चिंता का प्रकटावा करते हुए केंद्रीय मंत्री बादल को बेरोजगारी दूर करने के लिए जिले में बड़े उद्योग स्थापित करने की मांग की।

डीसी का निर्देशों की पालना करने का भरोसा

डिप्टी कमिश्‍नर दिलराज सिंह ने केंद्रीय मंत्री बादल को दिशा निर्देशों की पालना करने का भरोसा भी दिलाया। एडीसी विकास राजेश त्रिपाठी ने केंद्र सरकार की शिक्षा, सेहत, पेंडू विकास खेतीबाड़ी, हुनर विकास आदि क्षेत्र की स्कीमों के बारे में बताया।

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