Hindi News »Punjab »Dharamkot» अप्रैल से होगी गेहूं की आवक, अभी गोदाम में भरा है धान

अप्रैल से होगी गेहूं की आवक, अभी गोदाम में भरा है धान

गेहूं की आवक की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार से चीफ सेक्रेटरी डिविजन स्तर पर बैठकें कर रहे हैं। इसी सिलसिले में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 02:20 AM IST

गेहूं की आवक की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार से चीफ सेक्रेटरी डिविजन स्तर पर बैठकें कर रहे हैं। इसी सिलसिले में फिरोजपुर डिविजन की बैठक वीरवार को हुई। चूंकि अप्रैल में गेहूं की मंडियों में आवक शुरू हो जाएगी और किसानों को मंडियों में गेहूं को रखने की सुविधा को बरकरार रखने के लिए खरीद एजेंसियों को खरीदे हुए गेहूं को साथ-साथ उठवाकर गोदामों में पहुंचाना होता है, ताकि मंडियों में अन्य आने वाली गेहूं के लिए स्थान बन सके।

मोगा में अडानी ग्रुप के एक बड़े अनाज भंडार के साथ ही राज्य सरकार की खरीद एजेंसियों के 73 गोदामों में यूं तो 75 लाख एमटी गेहूं का भंडारण हो सकता है परंतु अडानी ग्रुप के गोदामों को छोड़कर बाकी सभी में धान की फसल भरी पड़ी है। इसके चलते गेहूं के भंडारण में दिक्कतें होंगी। इसके लिए सरकार ने अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। इस बार जिले में 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उत्पादन की उम्मीद है। गोदामों की बात करें तो 73 सरकारी गोदामों 74 लाख 81 हजार मी. टन गेहूं की स्टॉक हो सकती है। अभी इन गोदामों में धान व चावल स्टॉक किए गए हैं। गेहूं के सीजन से पूर्व सभी गोदाम खाली नहीं हुए तो भंडारण को लेकर समस्या खड़ी हो सकती है।

अप्रैल प्रथम सप्ताह में गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। गत वर्ष जिले में 78 लाख एमटी से अधिक आवक हुई थी और इस बार 80 लाख से अधिक आवक की उम्मीद है। ऐसे में भंडारण के लिए पर्याप्त गोदामों और स्पेस की जरूरत है। जिले में 73 गोदाम हैं और उनमें 74 लाख 81 हजार एमटी गेहूं के भंडारण की क्षमता है। खास बात यह है कि इनमें से भी काफी गोदामों में अब तक चावल का भंडारण किया गया है।

धान से भरा हुआ सरकारी गोदाम।

इस समस्या में अडाणी ग्रुप के गोदामों को नहीं गिना जा सकता। इसके कारणों में मुख्य तो यह है कि इसमें केवल गेहूं की फसल की ही भंडारन होता है। इसलिए गेहूं की फसल को साल भर में धीरे-धीरे निकाल दिया जाता है। इसलिए नई फसल आने से पहले 80 प्रतिशत स्पेस बन जाता है। लेकिन इसमें केवल केंद्र सरकार की एजेंसी एफसीआई की फसल को ही रखा जाता है। राज्य सरकार की खरीद एजेंसियों का भंडारण जिन गोदामों में होता है, वहां धान भरी पड़ी है।

अडाणी ग्रुप का केवल एफसीआई से है कांट्रेक्ट

जिले में गोदामों की स्थिति |विभिन्न एजेंसियों के 73 गोदाम हैं। मोगा में 15, बाघापुराना में 10, निहाल सिंह वाला में 11, धर्मकोट में 10, कोटईसेखां में 13, अजीतवाल में 6, बधनीकलां में 8 गोदाम हैं।

गांव डगरु में अडाणी ग्रुप का गोदाम।

समय पर प्रबंध हो जाएगा|जिला खाद्य एवं आपूर्ति कंट्रोलर रजनीश कुमारी ने बताया कि गोदामों से अनाज उठाने की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। गेहूं की आवक से पूर्व सभी गोदामों से धान व चावलों की निकासी होने की संभावना है। गेहूं की आवक के दौरान भी यह सिलसिला जारी रह सकता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गोदामों में पर्याप्त स्थान मिल जाएगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Dharamkot

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×