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दलितों ने पीएम मोदी का पुतला फूंक केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक केस में दिए गए फैसले के विरोध में दलितों ने लाल बत्ती चौक पर पीएम...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 30, 2018, 02:20 AM IST

दलितों ने पीएम मोदी का पुतला फूंक केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट से जुड़े एक केस में दिए गए फैसले के विरोध में दलितों ने लाल बत्ती चौक पर पीएम नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंककर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस मौके पर दलित महिला नेता पूनम कांगड़ा, अंजु रंगा, भूपिंदर सिंह जस्सी, राज कुमार पहलवान, सतपाल धालीवाल, अनिल बाल्मीकि, काका राम प्रधान, पप्पू प्रधान, प्रवीन कुमार, सुखविंदर सिंह गोशा व दर्शन सिंह कांगड़ा ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से दलित विरोधी है। यह सरकार दलितों को को हर पक्ष से मारने पर तुली हुई है। दलितों को कमजोर करने के लिए पीएम नरेन्द्र मोदी, बाबा साहब डाॅ. भीमराव अांबेडकर के लिखे संविधान को बदलना चाहते हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दलित पूरी तरह से एकजुट हैं। सरकार को दलित विरोधी नीतियों का जवाब दिया जाएगा। इसके लिए 2 अप्रैल को भारत बंद के प्रोग्राम को सफल बनाया जाएगा। इस संंबंधी संगरूर के दलित भाईचारे की बैठक एक अप्रैल को यहां डाॅ. अंबेडकर भवन पटियाला गेट में रखी गई है। मौके पर संजीव कुमार, दीपू कुमार, सुनील कुमार, पवन कुमार, मुनीष कुमार सहित अन्य दलित नेता मौजूद थे।

संगरूर के लाल बत्ती चौक पर पीएम नरेन्द्र मोदी का पुतला फूंक केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करता दलित वर्ग।

ध्ूरी में भगवान वाल्मीकि दलित चेतना मंच ने मीटिंग कर विरोध जताया

धूरी|सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी/एसटी एक्ट से जुड़े एक केस के फैसले के खिलाफ दलितों में रोष पाया जा रहा है। वीरवार को भगवान वाल्मीकि दलित चेतना मंच के राष्ट्रीय प्रधान विक्की परोचा के नेतृत्व में दलित समाज ने एक मीटिंग कर रोष जाहिर किया। इस मौके पर विक्की परोचा ने कहा कि दलितों को पहले ही इंसाफ नहीं मिल रहा है। अब इन आदेशों के चलते दलितों पर अत्याचार में ओर बढ़ोतरी होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि साल 1979 में डाॅॅ. भीमराव अंबेडकर ने दलितों के साथ होने वाली धक्केशाही को रोकने के लिए इस एक्ट को लागू करवाया था। लेकिन केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की आड़ में केस का फैसला करवा दलित विरोधी होने का सबूत दिया है। उन्होंने समूचे दलित भाईचारे को पार्टीबाजी और धड़ेबंदी से ऊपर उठ कर इसका विरोध करने की अपील भी की। इस मौके पर अजय परोचा एमसी, संजीव परोचा, रोहित, जौनी, रिक्की, दीपक, मनी भी मौजूद थे। (राजेश टोनी)

धूरी में मीटिंग कर विरोध जताते भगवान वाल्मीकि दलित चेतना मंच के सदस्य।

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