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लड़ रहे दो सांडों ने पटक-पटक कर मार डाला युवक, 8 माह में 7वीं मौत

भास्कर संवाददाता|संगरूर/सुनाम सड़कों पर हिंसक रूप धारण कर रहे बेसहारा पशुओं का कौन, कब और कहां शिकार हो जाए, कोई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jan 29, 2018, 07:05 PM IST

भास्कर संवाददाता|संगरूर/सुनाम

सड़कों पर हिंसक रूप धारण कर रहे बेसहारा पशुओं का कौन, कब और कहां शिकार हो जाए, कोई नहीं जानता है। पिछले आठ माह के हादसों पर नजर डाली जाए तो 7 लोग बेसहारा पशुओं के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन प्रशासन इस समस्या के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा। सड़क पर जाते समय लोगों के मन में लावारिस पशुओं को लेकर हर समय डर बना रहता है। सुनाम में दो लावारिस सांडों ने एक नौजवान की सींगों से पटक-पटक कर जान ले ली। नौजवान गोल्डी कुमार अपने किसी काम से जा रहा था। रेलवे स्टेशन के सामने इंद्रा मार्ग वाली साइड पर दो सांड आपस में भिड़ रहे थे। इसी दौरान सांडों ने पैदल जा रहे गोल्डी को अपनी चपेट में ले लिया। आस-पास के लोगों ने सांडों से नौजवान को छुड़वाने की बहुत कोशिश की, लेकिन गुस्से में आए सांडों ने गोल्डी को कई बार अपने सींगों पर उठाकर पटक-पटक कर मारा। भारी जद्दोजहद के बाद लोगों ने घायल गोल्डी को अस्पताल में पहुंचाया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया। इस घटना पर दुख व्यक्त करते शहर के समाजसेवी हरविंदर सिंह व शहर निवासियों ने कहा की लोग इन लावारिस पशुओं की दहशत से खोफजद हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि शहर में घूम रहे लावारिस पशुओं का जल्द से जल्द हल किया जाए।

गोल्डी की फाइल फोटो।

लावारिस पशुओं से 3 माह में 6 लोगों की गई जान

20 मई 2017 को गांव मंगवाल के राजवीर सिंह उर्फ पप्पा की सांड की ओर से टक्कर मार दिए जाने से मौत हो गई थी। 21 मई को गांव बहादरपुर में सड़क पर घूम रहे सांड ने बाबू सिंह (88) को मौत के घाट उतार दिया था। 22 मई को लावारिस पशु से टकराने से बाइक सवार अमरगढ़ निवासी वरयाम सिंह की मौत हो गई थी। 16 जून को गांव राणवा की 80 वर्षीय निहाल कौर को अपने घर से महज 20 गज की दूरी पर ही लावारिस पशु ने पटककर मार डाला था। 16 अगस्त को अवतार सिंह को एक लावारिस सांड ने टक्कर मार कर मौत के घाट उतार दिया था।

गौशाला बनाने के बाद भी कम नहीं हुए पशु

6 महीने पहले जिले को कैटल फ्री करने की मुहिम शुरूआत की गई थी। जिसके लिए शहर के पास गांव झनेड़ी की 25 एकड़ जमीन पर बनाई गई गौशाला में पशुओं को रखने का प्रबंध किया गया था। अब तक करीब 250 पशुओं को पकड़ कर झनेड़ी गौशाला में छोड़ा जा चुका है बावजूद शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है।

गन्ने से भरी ट्राली में घुसी कार, रिटायर्ड फौजी की मौत

धूरी|गत रात ककड़वाल चौक में हुए सड़क हादसे में कार चालक पूर्व फौजी की मौत हो गई। थाना सिटी के सहायक थानेदार सुखविंदर सिंह ने बताया कि गत रात करीब 8.30 बजे सतगुरु सिंह निवासी लड्डा संगरूर की तरफ से गन्ने की भरी ट्राली लेकर आ रहा था। जबकि ट्राली के पीछे पूर्व फौजी अमरीक सिंह अपनी कार में आ रहा था, लेकिन अंधेरे के कारण अमरीक को आगे जा रही ट्राली दिखाई नहीं दी व कार ट्राली से जा टकराई। हादसे में अमरीक सिंह गंभीर घायल हो गया। उसे ईलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के रिश्तेदार जगसीर कुमार के ब्यानों पर ट्राली चालक सतगुर सिंह पर केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। (राजेश)

लावारिस पशुओं को पकड़ने का प्रयास जारी

शहर की सड़कों को कैटल फ्री देखना है तो ग्रामीण क्षेत्रों से पशुओं को शहर में छोड़ने से रोकना होगा। इसके लिए पशु छोड़ने वाले को जुर्माना तक लगाया जा सकता है। सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों से पशुओं को पकड़ कर रखने का प्रबंध भी करना चाहिए। पशुओं को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन्हें पकड़कर झनेड़ी की गौशाला में छोड़ा जाएगा। राकेश कुमार, ईओ, सुनाम

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