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अध्यापकों का साहित्य के साथ जुड़ना जरूरी : डॉ. इकबाल

संगरूर|मालवा लिखारी सभा की ओर से साहित्यकार प्रो. सुलखन मीत केे घर अधूरी गजल के 80वें जन्मदिवस को समर्पित साहित्यक...

Dainik Bhaskar

May 22, 2018, 02:00 AM IST
अध्यापकों का साहित्य के साथ जुड़ना जरूरी : डॉ. इकबाल
संगरूर|मालवा लिखारी सभा की ओर से साहित्यकार प्रो. सुलखन मीत केे घर अधूरी गजल के 80वें जन्मदिवस को समर्पित साहित्यक समागम का आयोजन किया गया। डॉ. इकबाल सिंह ने कहा कि प्रिंसिपल होने के बावजूद उन्होंने अध्यापकों व प्रोफेसरों को साहित्य के साथ जुड़ने की सलाह दी। इस समागम में पम्मी फगूवालिया की ओर से कवि दरबार शुरू किया गया। प्रो. सुलखन मीत ने अपनी कुछ रचना सुनाई। वहीं साहित्यकारों ने उनका सम्मान किया। इस मौके पर कृष्ण बेताब, कलवंत कसक, जगजीत सिंह, सुखविंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, कर्म सिंह, सुखविंदर कौर, मूल चंद, दरबार सिंह, रणजीत सिंह, सरबजीत सिंह, रिषू रमला, संजय सिंह, बलविंदर सिंह, गुरजंट सिंह, लाभ सिंह, ज्ञान सिंह, जीत हरजीत, सुखजीत सिंह आदि कवियों ने दरबार सजाया। (रजत गोयल)

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