• Home
  • Punjab News
  • Dinanagar News
  • अध्यापकों ने दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक दीनानगर को ‘पढ़ने पाया’
--Advertisement--

अध्यापकों ने दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक दीनानगर को ‘पढ़ने पाया’

सरकारी स्कूल शिक्षा बचाओ मंच पंजाब के करीब 10 हजार अध्यापक अपनी मांगों को लेकर शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी के हलका...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 02:20 AM IST
सरकारी स्कूल शिक्षा बचाओ मंच पंजाब के करीब 10 हजार अध्यापक अपनी मांगों को लेकर शिक्षामंत्री अरुणा चौधरी के हलका दीनानगर में महारैली करने पहुंचे। पुलिस ने रैली में शामिल होने आ रहे अध्यापकों की बसों को शहर के अंदर दाखिल नहीं होने दिया और गांव झंडेचक्क के पास बाइपास पर ही रोक लिया जिस कारण अध्यापकों को पैदल ही शहर की तरफ आना पड़ा। अध्यापकों के बड़े हजूम को देख शहर में अतिरिक्त पुलिस बुलाई गई। पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे अध्यापकों को शहर की दशहरा ग्राउंड में रैली के लिए इजाजत न मिलने पर वे करीब तीन किलोमीटर पहले ही गांव झंडेचक्क में जीटी रोड पर धरने पर बैठ गए। जेपी होटल के बाहर जीटी रोड को अध्यापकों ने जाम कर दिया जिससे शहर की ट्रैफिक को दूसरे रास्तों की तरफ डायवर्ट करना पड़ा। अध्यापकों ने दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक दीनानगर में दबदबा बनाए रखा।

दीनानगर में शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर तैनात भारी पुलिस फोर्स तथा (दाएं) गांव झंडेचक्क में जीटी रोड पर धरना देकर महारैली करते अध्यापक। -भास्कर

300 जवान व दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए गए

शिक्षामंत्री की कोठी के बाहर सुरक्षा के लिए 300 जवानों को तैनात किया गया था। इनमें से महिला जवानों सहित 200 पुलिस जवान और एसएसजी कमांडोज शामिल थे। अध्यापकों को कोठी तक पहुंचने से रोकने के लिए गली के आगे दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किया गया था। एसपी विपिन चौधरी, एसपी एसएस संधु सहित तीन डीएसपी और तहसीलदार नवतेज सिंह सोढी व नायब तहसीलदार महिंदर पाल भी पूरा दिन वहीं रहे।

शिक्षामंत्री के बजाय सीएम से मुलाकात पर अड़े रहे

मंच के नेता शिक्षामंत्री की बजाए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर से मुलाकात के लिए समय तय करने की मांग पर अड़े रहे। बाद दोपहर नायब तहसीलदार महिंदर पाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि सांझा मोर्चा के साथ दो अप्रैल को होने वाली मीटिंग भारत बंद के कारण कैंसिल कर दी है और नई तारीख तय होने के साथ ही मीटिंग करवा दी जाएगी, लेकिन मंच ने इसे मानने से इंकार कर दिया और वहां से 3 किलोमीटर रोष मार्च किया।

सभी जिलों से पहुंचे अध्यापक

महारैली में सरकारी स्कूल शिक्षा बचाओ मंच पंजाब के नेता जसविंदर सिंह सिद्धू, हरजिंदर पाल सिंह पन्नू, परगटजीत सिंह कृष्णपुरा, सुदर्शन बठिंडा, बलदेव सिंह बुट्‌टर, ईशर सिंह मंझपुर, अमरजीत सिंह कंबोज, जगसीर सिंह घारू, सुखचैन गुरने, दविंदर मुक्तसर, मक्खन सिंह, तोलेवाल, निशांत कुमार, केदीप छीना, गुरप्रीत सिंह रूपरा, रंजीत सिंह बाठ, नरेश पनियाड़, हरजिंदर हांडा,सुखदर्शन सिंह बठिंडा, सुखजिंदर सठियाला, ओंकार सिंह, जगदीश सिंह फाजिल्का, कृष्ण कुमार वोहरा, सर्वजीत सिंह भावड़ा, वशिंगटन सिंह, बलजिंदर, गुरसेवक कलेर, हिमांशु, सतबीर, दविंदर मोहाली, रछपाल, बलराज घलोटी, हरिंदर पल्ला, कुलविंदर सिद्धू, प्रभजोत दूलोनंगल, विपन लोटा, करनैल नवांशहर, रवि, सुखदयाल, सुखपाल सिद्धू मौजूद थे।