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परिजनों ने कंकाल चौराहे पर रख लगाया जाम

स्मैक का इंजेक्शन देने से मारे गए गांव अवांखा के युवक परवेश कुमार के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 लगाने और...

Dainik Bhaskar

Jul 29, 2018, 02:06 AM IST
परिजनों ने कंकाल चौराहे पर रख लगाया जाम
स्मैक का इंजेक्शन देने से मारे गए गांव अवांखा के युवक परवेश कुमार के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 लगाने और तीसरे साथी को पकड़ने की मांग करते हुए शनिवार दोपहर को पुलिस स्टेशन चौक के चौराहे में मृतक के कंकाल को रख प्रदर्शन किया। इस मांग को लेकर दीनानगर से विधायक व कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी भी की गई।

मौके पर पहुंचे डीएसपी मनोज कुमार और एसएचओ कुलविंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का भरसक प्रयास किया कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर लीगल सैल के पास धारा 302 लगाने के लिए केस भेज देंगे। लेकिन, परिजन और गांववासी अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस तीसरे आरोपी काला को पकड़ने के लिए मृतक के पिता अशोक कुमार को अपने साथ ले गई। लेकिन उसके न मिलने से पिता को अपने साथ थाने ले आई। इससे भी लोगों का गुस्सा शांत न हुआ। आखिर जब कोई रास्ता निकलता दिखाई न दिया तो गांववासियों ने बाइपास मोड़ पर जाकर नेशनल हाइवे जाम करने का ऐलान कर दिया। मृतक की बहन अनुराधा ने कहा, जेकर 302 नहीं लगाउनी तां ऐहना नूं मेरे हवाले कर दअो, जिद्दां टोट्टे करके मेरे भरा नूं मारेया, उद्दां ई ऐहनां दे टोट्टे करांगी।

बहन बोली- जेकर 302 नहीं लगाउनी तां ऐहना नूं मेरे हवाले कर दअो, जिद्दां टोट्टे करके मेरे भरा नूं मारेया, उद्दां ई ऐहनां दे टोट्टे करांगी... तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी

परवेश का कंकाल लेकर पुलिस स्टेशन चौक से बाइपास पर जाम लगाने के लिए जाते गांववासियों को रोकते पुलिस कर्मी।

गांववासी बोले- अवांखा नशे का गढ़, पुलिस नहीं करती कार्रवाई

वहीं, मृतक के गांववासियों ने खुलकर रोष जताया कि गांव अवांखा को हर कोई नशे के गढ़ के तौर पर जानता है और वहां एक जाति विशेष के लोग खुलकर नशे का कारोबार कर रहे हैं, जबकि पुलिस सब कुछ जानते हुए भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जिससे गांव के युवक नशे की दलदल में धंसते जा रहे हैं।

भास्कर संवाददाता | दीनानगर

स्मैक का इंजेक्शन देने से मारे गए गांव अवांखा के युवक परवेश कुमार के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ धारा 302 लगाने और तीसरे साथी को पकड़ने की मांग करते हुए शनिवार दोपहर को पुलिस स्टेशन चौक के चौराहे में मृतक के कंकाल को रख प्रदर्शन किया। इस मांग को लेकर दीनानगर से विधायक व कैबिनेट मंत्री अरुणा चौधरी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी भी की गई।

मौके पर पहुंचे डीएसपी मनोज कुमार और एसएचओ कुलविंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का भरसक प्रयास किया कि वह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर लीगल सैल के पास धारा 302 लगाने के लिए केस भेज देंगे। लेकिन, परिजन और गांववासी अपनी मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस तीसरे आरोपी काला को पकड़ने के लिए मृतक के पिता अशोक कुमार को अपने साथ ले गई। लेकिन उसके न मिलने से पिता को अपने साथ थाने ले आई। इससे भी लोगों का गुस्सा शांत न हुआ। आखिर जब कोई रास्ता निकलता दिखाई न दिया तो गांववासियों ने बाइपास मोड़ पर जाकर नेशनल हाइवे जाम करने का ऐलान कर दिया। मृतक की बहन अनुराधा ने कहा, जेकर 302 नहीं लगाउनी तां ऐहना नूं मेरे हवाले कर दअो, जिद्दां टोट्टे करके मेरे भरा नूं मारेया, उद्दां ई ऐहनां दे टोट्टे करांगी।

पुलिस और गांववासियों के बीच खींचतान|जब परिजन और गांववासी परवेश के कंकाल को लेकर बाइपास की तरफ बढ़ने लगे, तो एसएचओ कुलविंदर सिंह और पुलिस जवानों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। जिसके चलते गांववासियों और पुलिस के बीच काफी खींचतान हुई। लेकिन, गांववासी पुलिस को पीछे हटाते हुए करीब तीन किलोमीटर दूर गांव झंडेचक्क के पास बाइपास मोड़ पर पहुंच गए। वहां डीएसपी मनोज कुमार ने मृतक के कंकाल को अपने कब्जे में ले लिया और उसके माता-पिता को समझाते हुए अपने साथ पुलिस स्टेशन वापस ले आए कि उनके बयान के आधार पर धारा 302 लगाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, उन्होंने कहा कि तीसरे आरोपी के पिता को हिरासत में ले लिया गया है और रात तक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। करीब दो घंटे चले चले इस घटनाक्रम के बाद डीएसपी के समझाने के बाद परिवार वाले कंकाल का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।

परवेश कुमार को जबरी नशे का इंजेक्शन देकर मारने का लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान मृतक की मां निर्मला देवी बेसुध हो गई। वहीं, बहन अनुराधा ने आरोप लगाया कि उसके भाई परवेश कुमार के सिर पर पहले ईंट से वार किया गया और बाद में नशे का इंजेक्शन लगाकर मार दिया गया। फिर लाश के टुकड़े-टुकड़े कर गन्ने के खेत में फेंके गए। उसने पुलिस पर आरोपियों को सुविधाजनक तरीके से ट्रीट करने पर रोष व्यक्त करते हुए मांग की कि यदि पुलिस आरोपियों के खिलाफ धारा 302 नहीं लगा सकती, तो उन्हें मेरे हवाले कर दो। आरोपी गन्नी मेरे भाई को नशा करने के लिए पहले भी मजबूर करता था, लेकिन नहीं मानने पर उसे जबरी नशे का इंजेक्शन देकर मार दिया।

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