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खेत में झगड़े के बाद मेडिकल कराने आए घायलों को सरपंच गुट ने अस्पताल में दोबारा पीटा, डाॅक्टरों ने कमरे में बंद होकर जान बचाई

इमरजेंसी वार्ड में नाइट ड्यूटी दे रहे डॉ. जोतपाल सिंह ने बताया कि बुधवार रात को उनके साथ स्टाफ नर्स वरिंदर कौर, दाई...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 18, 2018, 03:20 AM IST

खेत में झगड़े के बाद मेडिकल कराने आए घायलों को सरपंच गुट ने अस्पताल में दोबारा पीटा, डाॅक्टरों ने कमरे में बंद होकर जान बचाई
इमरजेंसी वार्ड में नाइट ड्यूटी दे रहे डॉ. जोतपाल सिंह ने बताया कि बुधवार रात को उनके साथ स्टाफ नर्स वरिंदर कौर, दाई वीरो देवी और क्लास फोर कर्मी फतेह सिंह ड्यूटी पर थे। रात करीब 10 बजे गांव खरला मट्‌टमां छोटे निवासी प्यारा सिंह मेडिकल करवाने पहुंचा। उसकी दाईं टांग और मुंह पर चोटों के निशान थे। हमने उसे फर्स्ट एड देकर गुरदासपुर अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद रात 11.25 पर इसी गांव के जगतार सिंह और जसवंत सिंह भी मेडिकल करवाने आ पहुंचे। रात 12 बजे इमरजेंसी वार्ड के स्टिचिंग रूम में उनका मेडिकल कर अभी हम अपने रूम में एमएलआर तैयार करने पहुंचे ही थे कि बाहर से शोर सुनाई दिया कि तेजधार हथियारों से लैस लोग इमरजेंसी वार्ड की तरफ आ रहे हैं, जिस पर उन्होंने इमरजेंसी वार्ड के प्रवेश द्वारों को बंद कर अपने कमरे को भी अंदर से लॉक कर लिया, जबकि स्टिचिंग रूम में बैड पर लेटे जगतार सिंह और जसवंत सिंह के साथ आए हरजवंत सिंह ने भी कमरे के दरवाजे को अंदर से कुंडी लगा दी। हमलावर इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे को तोड़ स्टिचिंग रूम की तरफ आ गए। अंदर से कुंडी बंद होने पर उन्होंने रोशनदार का शीशा तोड़ ऊपर से अंदर हाथ डालकर कुंडी को खोला और कमरे में दाखिल हो गए। इसके बाद हमलावरों ने कमरे में लगे बिजली के इन्वर्टर, आॅक्सीजन गैस सिलेंडर, बेड, डस्टबिनों की तोड़फोड़ की और उपचार के लिए आए दोनों लोगों पर हमला कर और गंभीर कर दिया। वहीं, उनके साथ आए हरजवंत सिंह को एक कोने में ले जाकर उसके सिर पर किसी तेजधार हथियार से प्रहार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। हमलावरों के भागने के बाद उन्होंने स्टिचिंग रूम में जाकर देखा, तो वहां पूरे कमरे में खून बिखरा था। जिस कोने में हरजवंत सिंह को ले जाकर वार किए गए वहां दीवारें खून से सनी थीं। हरजवंत सिंह के सिर से खून लगातार बह रहा था। उसकी गंभीर हालत को देख बह रहे खून को पेडिंग कर रोका गया और एंबुलेंस बुलाकर तीनों को तत्काल गुरदासपुर सिविल अस्पताल भेज दिया गया।

अस्पताल में जख्मी

जसवंत सिंह

जगतार सिंह

नहीं उठा 100 नंबर, आधा घंटा बाद पहुंची पुलिस

डॉ. जोतपाल सिंह ने बताया कि हमलावरों के बारे पुलिस को सूचना देने के लिए वह 15 से 20 मिनट 100 नंबर डायल करते रहे, लेकिन किसी ने नहीं उठाया, तो उन्होंने दीनानगर थाने को सूचित किया। जिस कारण हमलावरों के भागने के करीब आधा घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

हरजवंत सिंह

प्यारा सिंह

स्टिचिंग रूम में की गई तोड़फोड़ दिखाते डॉ. जोतपाल। (दाएं) एमरजेंसी वार्ड का तोड़ा दरवाजा और स्टिचिंग रूम के रोशनदान का तोड़ा गया शीशा। -भास्कर

अस्पताल में रात को पुलिस सुरक्षा की उठाई मांग

एसएचओ कुलविंदर सिंह ने झगड़े के कारण का खुलासा करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने गांव के सरपंच कुलदीप सिंह के कार्यकाल में पंचायत को मिले फंडों के बारे में आरटीआई के जरिए सूचना मांगी थी। बुधवार शाम को छंब में अपनी जमीन में सरपंच के पिता प्यारा सिंह गए तो वहां पर आरटीए की सूचना लेने की बात को लेकर उनका झगड़ा हो गया। प्यारा सिंह अस्पताल मेडिकल करवाने पहुंचे, तो उनके जाने के बाद दूसरे गुट के जसवंत सिंह और जगतार सिंह भी मेडिकल करवाने आ गए। इसका पता चलने पर सरपंच के आदमियों ने इमरजेंसी वार्ड में घुसकर उन पर हमला कर दिया। वहां मौजूद जसवंत के बेटे हरजवंत सिंह को जख्मी कर दिया।

पहले दीनानगर में और बाद में गुरदासपुर में एमएलआर

जसवंत
सिंह और जगतार सिंह की पहले दीनानगर अस्पताल में एमएलआर काटी गई। लेकिन, हमलावरों की ओर से हमले के बाद आई नईं चोटों के कारण गुरदासपुर सिविल अस्पताल में भी रात सवा एक बजे दूसरी एमएलआर काटी गई।

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