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परिषद ने सरकार पर लगाए हिंदी भाषा की अनदेखी का आरोप

फाजिल्का में पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते अध्यापक। भास्कर संवाददाता| फाजिल्का हिन्दी अध्यापक परिषद...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 02:20 AM IST
फाजिल्का में पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते अध्यापक।

भास्कर संवाददाता| फाजिल्का

हिन्दी अध्यापक परिषद मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब सरकार द्वारा हिन्दी राष्ट्रीय भाषा व सरकारी स्कूलों में राष्ट्र भाषा हिन्दी की पोस्टें खत्म न करने की मांग की है। अपने लिखे गए मांगपत्र में परिषद के पदाधिकारियों धर्मेंद्र गुप्ता, रोशन वर्मा, सोहन लाल मनचंदा, भारत भूषण, सादिल सुखीजा, भगत सिंह, संदीप कुमार, संजीव कुमार, राजेश शर्मा, हरभजन सामा व अन्य अध्यापकों ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा समूचे पंजाब में हिन्दी को योजनाबद्ध तरीके से सरकारी स्कूलों से खत्म करने के प्रयास किया जा रहा है। अरूणा चौधरी और शिक्षा सचिव श्री कृष्ण कुमार ने हाल ही में पंजाब के सभी सरकारी मिडल स्कूलों से हिन्दी विषय के अध्यापकों के पद न रखने का आदेश पारित किया है। यहीं नहीं पंजाब के समस्त सरकारी स्कूलों में अब हिन्दी को विकल्पित विषय भी बना दिया गया है। अगर मिडल स्कूलों में प्रशिक्षित हिन्दी अध्यापक नहीं होगें तो लाखों गरीब विद्यार्थी राष्ट्र भाषा को सीखने से वंचित रह जाएंगें। पंजाब सरकार की हिन्दी की यह अनदेखी का समाज में बहुत ही गलत संदेश जा रहा है। और सरकार के प्रति अविश्वास की भावना पैदा हो रही है। उन्होंने मांग की कि पंजाब में राष्ट्र भाषा हिन्दी और हिन्दी अध्यापकों को बचाने के लिए तुरंत संज्ञान लेकर पंजाब के सरकारी मिडल स्कूलों में हिन्दी अध्यापकों के पद खत्म न किए जाए ताकि पंजाब के सरकारी स्कूलों में लाखों गरीब विद्यार्थी राष्ट्र भाषा हिन्दी भी निर्बाध रूप से पढ़ व सीख सके और हिन्दी अध्यापकों के पद सरकारी स्कूलों में बने रह सके।