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होम्योपेथिक कैंप मंदबुद्धि बच्चों के लिए साबित हो रहा वरदान

श्री शीतला माता मन्दिर में श्री राम शरणम् आश्रम द्वारा मंदबुद्घि बच्चों के लिए 30 वें निशुल्क होम्योपेथिक कैंप का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:20 AM IST

होम्योपेथिक कैंप मंदबुद्धि बच्चों के लिए साबित हो रहा वरदान
श्री शीतला माता मन्दिर में श्री राम शरणम् आश्रम द्वारा मंदबुद्घि बच्चों के लिए 30 वें निशुल्क होम्योपेथिक कैंप का आयोजन किया गया। कैंप का शुभारंभ कांग्रेस युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व गिद्दड़बाहा विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की धर्मप|ी अमृता वड़िंग ने अपने परिवार सहित ज्योत प्रज्जवलित कर किया ।

मुख्यातिथि अमृता वड़िंग ने कहा कि राम शरणम् आश्रम के श्री राम प्रभु जी की कृपा से लगाया जा रहा यह कैंप अपने आप में एक मिसाल है। कैंप में मंदबुद्घि बच्चों की सेवा में लगे आश्रम के सेवादार और अन्य समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा निरंतर की जा रही सेवा काफी प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि एेसे कैंपों में आए हुए बच्चों और उनके माता-पिता की सेवा करने से सब कुछ मिलता है। जल्द ही वे अपने हलके में ऐसे कैंप लगाकर लोगो की सेवा करेंगी। कैंप में होम्योपैथिक के मशहूर डाक्टर दीदार सिंह की अध्यक्षता में सीनियर डाॅ. सुनील कुमार के अलावा तकरीबन 100 से अधिक डाक्टरों की टीम ने कई राज्यों से आए मंदबुद्घि बच्चों का चेकअप किया।

2010 से लगा रहे कैंप

आश्रम के मुख्य सेवादार पवन गुप्ता ने बताया कि आश्रम सबसे पहला कैंप 21 अक्टूबर 2010 में छावनी के राम शरणम् आश्रम में लगाया था। जिसमें 90 मरीज पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उसके बाद सात कैंप आश्रम में लगाए गए और जैसे-जैसे मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी होनी शुरु हुई तो शीतला माता मंदिर कमेटी से बात की तो उन्होंने निशुल्क कैंप लगाने की मंजूरी दी।

1700 मरीजों की रजिस्ट्रेशन

कैंप इंचार्ज डॉ. पियूष गुप्ता ने बताया कि कैंप में डा. विजयकर के अनुसंधानों पर आधारित दवाइयों को बेस बनाकर इन बच्चों का इलाज किया जाता है। रविवार को आयोजित कैंप में नए पुराने मरीजों को मिलाकर कुल 1700 मरीजों की रजिस्ट्रेशन हो चुकी है। समाज सेवक हरीश गोयल व सुभाष गोयल ने बताया कि कैंप में ऐसे बच्चे भी ठीक हुए हैं जिनके ठीक होने की उम्मीद उनके माता पिता ने छोड़ दी थी। इस अवसर पर कैंप के आयोजक हरीश गोयल,सुभाष गोयल व पवन गुप्ता राजेश गुप्ता ,राहुल अग्रवाल, अमित अग्रवाल, विपन, रमेश शर्मा के अलावा कई समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों ने सहयोग दिया।

कैंप में मौजूद डाक्टर दीदार सिंह मरीज का चेकअप करते हुए।

बड़ी उम्मीद से आए हैं

मानसा से आई 70 वर्षीय मनजीत कौर निवासी गांव कंदाई ने बताया कि उनकी बेटी जसप्रीत कौर 34 वर्ष की हो चुकी हैं लेकिन वह छोटे बच्चों की तरह कार्य करती हैं। वह बताती है कि डाक्टर कहते हैं कि उसके दिमाग की नाड़ियां जाम हो गई हैं, इसलिए बच्चा ठीक नहीं हो सकता। हमने अपने बच्चे का कई जगह इलाज करवाया लेकिन कोई फर्क नही पड़ा है, बड़ी उम्मीद से इस कैंप में आए हैं।

3 साल से बच्चा लेकर आ रहीं

पिछले तीन सालों से लगातार कैंप में अपने बच्चे को इलाज के लिए लेकर आ रही बिहार के गांव मोरैया निवासी स्वाति ने बताया कि कैंप में आने से पहले हमने एलोपैथी इलाज करवाया लेकिन डाॅ. कहते थे कि तुम्हारा बच्चा मंदबुद्धि है यह ठीक नहीं हो सकता लेकिन जब से हमने कैंप में आना शुरू किया तो बच्चा धीरे-धीरे ठीक हो रहा है। उन्होंने कहा कि कैंप हमारे लिए वरदान साबित हुआ है।

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