• Hindi News
  • Punjab News
  • Ferozepur News
  • दस माह बाद भी ठेका मुलाजिमों को रेगुलर करने का चुनावी वादा अधर में : तलवाड़
--Advertisement--

दस माह बाद भी ठेका मुलाजिमों को रेगुलर करने का चुनावी वादा अधर में : तलवाड़

पिछले नौ सालों से शिक्षा विभाग में रेगुलर की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे एसएस रमसा अध्यापकों ने की बैठक जिला...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:25 AM IST
पिछले नौ सालों से शिक्षा विभाग में रेगुलर की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे एसएस रमसा अध्यापकों ने की बैठक जिला महासचिव संदीप सहगल के नेतृत्व में आयोजित की गई। इसमें जिला प्रधान जगसीर सिंह गिल ने बताया कि भारत का संविधान के तहत सभी को बराबर का अधिकार देता है लेकिन एसएस रमसा अध्यापक पिछले नौ सालों से ठेकेदारी सिस्टम के तहत कार्य कर रहे है। वहीं रेगूलर होने की मांगो को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे है, लेकिन एसएस रमसा अध्यापक, मुख्याध्यापक और लैब-अटैंडटों की भर्ती समय-समय पर शिक्षा विभाग और पंजाब सरकार के नियमों के अंतर्गत पहली भर्ती कम-से-कम योग्यता की मेरिट के आधार पर, दूसरी भर्ती पंजाब स्तरीय विषय टैस्ट की मेरिट के आधार पर और तीसरी भर्ती अध्यापक योग्यता टेस्ट की मेरिट के आधार पर हुई है। जिसके चलते संघर्ष करने के बाद भी भर्ती हुए 7654 अध्यापकों और 3442 अध्यापकों को पंजाब सरकार ने भर्ती के तीन साल बाद और 6060 अध्यापकों को नियुक्ति की तारीख से पहले ही शिक्षा विभाग में रेगुलर किया हुआ है।महिला विंग की प्रधान अमनप्रीत कौर तलवाड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब ने मतदान से पहले समूह ठेका मुलाजिमों को सरकार बनने पर रैगुलर करने का वायदा किया था। लेकिन चुनाव दस महिनों के बाद भी समूह एसएस रमसा अध्यापक, हेडमास्टरों और लैब-अटैंडटों को ना तो रेगुलर किया गया ना ही कोई और मांग मानी गई। उन्होंने कहा कि पिछली अकाली सरकार द्वारा उनकी जत्थेबंदियों पर झूठे किए हुए पर्चे रद्द किये जाएं और रमसा अध्यापकों का साल 2015 और 2016 का बकाया तुरंत जारी किया जाये। इस अवसर पर नमिता शुक्ला, अमरिंद्र कौर, संगीत, अमित कंबोज, गगनदीप सिंह, अजय कुमार, अमित आनंद, प्रवीन कुमार, नरेश कुमार, विपन कुमार, अमरजीत सिंह, मुकेश कुमार, जोगिन्द्र सिंह, राकेश माहिर, दलजीत सिंह आदि मौजूद थे। (रवि कुमार)

डीसी दफ्तर के बाहर रोष जताते एसएस रमसा अध्यापक।

X
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..