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भेदभाव से मुक्ति बिना महिला की आजादी संभव नहीं : हरबंस कौर
भेदभाव के दबाव पर अाधारित मौजूदा समाज में जहां हर वर्ग की महिलाओं को संताप भोगना पड़ रहा है, वहीं खेत मजदूर महिलाओं को जाति दबाव के जंजीरों का अधिक बोझ झेलना पड़ रहा है। इसलिए महिला की आजादी के संग्राम में किरती महिलाओं का रोल अधिक महत्व रखता है। यह विचार राष्ट्रीय महिला दिवस पर संघर्घ गांव सिंघेवाला में महिला नेता गुरमेल कौर, तारावंती, कृष्ण देवी की अध्यक्षता में पंजाब खेत मजदूर यूनियन द्वारा महिलाओं की आजादी एवं किरती महिलाअाें के महत्व विषय पर करवाई गई विचार चर्चा के दौरान महिलाओं को संबोधित करते हुए लोकमार्च की नेता हरबंस कौर ने कही। उन्होंने कहा कि लूट, दबाव एवं भेदभाव की बुनियाद पर खड़े इस राज्य प्रबंध में जमीन, जायदाद एवं साधनों का भेदभाव खत्म किए बिना महिलाअाें की आजादी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी, जातपात, नफरत, हिंसा का संताप भोगने के कारण यह खेत मजदूर महिलाएं हर किस्म की लूट एवं दबाव से मुक्ति के संघर्ष में सबसे अग्रणी रोल अदा करने से समर्थ है। इस अवसर यूनियन के प्रांतीय महासचिव लक्ष्मण सिंह सेवेवाला, काला सिंह, गुरतेज सिंह, मंगल सिंह, जसविंदर सिंह आदि के अलावा बड़ी गिनती में महिलाएं उपस्थित थी।
60 महिलाएं हुईं सम्मानित
मुक्तसर|समाजसेवी संस्था मुक्तसर विकास मिशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह की प्रधानगी बिमला ढोसीवाल ने की जबकि बलजीत कौर पूर्व डीईओ ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। पंजाबी की लेखिका मिस हरपिंदर राणा समारोह दौरान विशेष मेहमान के तौर पर शामिल हुई। इस प्रभावशाली समागम के दौरान मिशन के चेयरमैन हनी फत्तनवाला, महासचिव काला सिंह बेदी, बिंदर गोनियाणा पी.ए. और अन्य मेंबरों के अलावा आठ जोड़ों सहित 60 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया।
समापन में उपस्थित महिलाएं।