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जिसकी जैसी दृष्टि हो उसे वैसा ही दिखता है : पं.जोशी

एक वर्ष पहले
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मनुष्य आपत्तियों का लक्ष्य बनने के लिए ही पैदा हुआ है, जो आपत्तियों से घबराए वह मनुष्य कहलाने के काबिल नहीं है। अपमान सह लेने वाला मनुष्य सुख से सोता है तथा सुख से जागता है। परन्तु दूसरों का अपमान करने वाला नष्ट हो जाता है। यह विचार आज कामधेनू नस्ल सुधार गौशाला फैक्टरी रोड (रजि.) मुक्तसर में होली के उपलक्ष्य पर आयोजित सत्संग के दौरान प्रसिद्ध विद्वान पं. पूरन चन्द्र जोशी ने व्यक्त किए। पं. जोशी ने कहा कि हमारी दृष्टि व विचार शुद्ध होने पर ही हमें संसार संन्दर दिखाई देगा। एक उदाहरण देकर जोशी जी ने बताया कि त्रेता युग में जब श्री एकनाथ जी महाराज कथा सुनाया करते थे तो श्री रामायण की कथा सुनने के लिए हनुमान जी ब्राह्मण का रूप धारण करके आया करते थे। एक बार जब एकनाथ जी कथा सुना रहे थे तो बोले कि जब श्री हनुमान जी अशोक वाटिका में सीता माता के पास गए तो वहां सफेद रंग के फूल खिले हुए थे। तभी हनुमान जी जो ब्राह्मण का वेश बना कर कथा सुन रहे थी, बोले पंडित जी वहां सफेद रंग के नहीं बल्कि लाल रंग के फूल खिले थे, तो एकनाथ जी बोले, भाई नीचे बैठो फूल सफेद रंग के खिले थे। हनुमान जी बैठ गए। पंडित जी दोबारा बोले सफेद रंग के फूल खिले थे। हनुमान जी से रहा न गया फिर असली रूप में प्रकट होकर बोले मैं ही हनुमान हूं। वहां पर फूल लाल रंग के खिले हुए थे। पंडित जी बोले तुम नीचे बैठो मैं जब कह रहा हूं कि फूल सफेद थे लेकिन तुमने तो कथा में विघ्न डालने का मन बना रखा है परन्तु हनुमान जी उन्हें श्री राम के पास ले गए बोले प्रभु ये पंडित जी कथा में सुनाते हैं कि अशोक वाटिका में सफेद रंग के फूल खिले हैं परन्तु मैंने अपनी आंखों से देखे थे फूल लाल थे। तब श्री राम जी बोले हनुमान जी पंडित जी भी ठीक कह रहे हैं और आप भी ठीक कह रहे हो क्योंकि फूल तो सफेद रंग के ही थे परन्तु आपने अशोक वाटिका में जब प्रवेश किया तो उस वक्त रावण क्रोध से सीता को डांट रहा था, यह देखकर आपको अथाह क्रोध आ गया। इससे आपकी आंखें क्रोध से लाल हो गईं जिससे वे फूल भी आपको लाल दिखाई दे रहे थे। पं. जोशी जी ने कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि होगी उसे वैसा ही संसार दिखाई देगा। इस दौरान गौभक्तों ने पुष्पों से होली खेल कर मस्ती में झूमे। गौशाला का आंगन राधे राधे के जयकाराें से गूंज उठा। सतसंग के पश्चात लंगर की व्यवस्था भी की गई। इस अवसर पर श्री पवन गिरधर, श्री रोशन लाल, सोनू शर्मा, जोगिंद्र सिंह, राजू, परवीन बांसल, सोनू सिंगला, तिलकराज, सुरेश अरोडा, राजेश कटारिया इत्यादि गौभक्त उपस्थित थे।

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