- Hindi News
- National
- Firozpur News Horticulture Department Provided Subsidy Of 186 Lakhs To 29 Farmers Dc
बागवानी विभाग ने 29 किसानाें को 1.86 लाख की सब्सिडी मुहैया करवाई : डीसी
बागबानी विभाग के लिए काम आने वाली मशीनें, शहद की मक्खियां पालन, खोखली ग्रीन हाउस बनाने पर 35 से 50% दी जाती है सब्सिडी
किसानों को सहायक धंधे अपनाने और खेती में विभिन्नता लाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा बागवानी विभाग की ओर से सब्सिडी और अपेक्षित तकनीकी जानकारी मुहैया करवाई जाती है। इस संबंधित जानकारी देते हुए डिप्टी कमिशनर कुलवंत सिंह ने बताया कि किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन स्कीम के अधीन बागवानी विभाग की ओर से फलदार पौधों की पैदावार, खुंबों की बिजाई, बागबानी विभाग के लिए काम आने वाली मशीनें, शहद की मक्खियां पालन, खोखली ग्रीन हाऊस बनाने पर, वर्मी खाद यूनिट लगाने पर 35 से 50 प्रतिशत सब्सिडी मुहैया करवाई जाती है। इस के अंतर्गत वर्ष 2019 में 29 लाभपात्रों को 1 करोड़ 86 लाख 29 हज़ार 340 रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हो चुकी है।
डिप्टी कमिशनर ने बताया कि बागवानी विभाग की तरफ से वर्ष 2018-19 के दौरान बागवानी मिशन स्कीम के अधीन खोखली ग्रीन हाऊस बनाने पर 9 किसानों को 1 करोड़ 7 लाख 21 हजार 840 रुपए की सब्सिडी दी गई। इसी तरह शहद की मक्खियों की कालोनियों की खरीद करने के लिए 2 लाभपात्रों को 1 लाख 60 हजार रुपए की सब्सिडी मुहैया करवाई गई है। बागवानी मशीनरी पर 15 लाभपात्रों को 2 लाख 65 हजार 800 रुपए की सब्सिडी दी जा चुकी है और कोल्ड स्टोरेज और राईपिनिंग चेंबर स्थापित करने के लिए 3 लाभपात्रों को 74 लाख 81 हजार 340 रुपए की सब्सिडी के रूप पर दिए जा चुके हैं। कुलवंत सिंह ने बताया कि बागवानी विभाग की ओर से वर्ष 2017 -18 के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन स्कीम के अंतर्गत शहद की मक्खियों की खरीद के लिए 8 लाभपात्रों को 6 लाख रुपए और बागवानी मशीनरी के लिए 2 लाभपात्रों को 83 हजार 800 रुपए की सब्सिडी मुहैया करवाई गई है। डिप्टी डायरेक्टर बागवानी डाॅ. रणजीत सिंह ने कहा कि विभाग की तरफ से बागबानी विकास के लिए अलग-अलग स्कीमें चलाईं जातीं हैं जिन पर सब्सिडी मुहैया करवाई जाती है। किसान भाईयों से अपील करते है कि गेहूं और धान के फसली चक्कर में से निकल कर बागवानी विभाग की ओर से चलाईं जा रही स्कीमों का लाभ लेना चाहिए जिस के साथ वह अपनी आर्थिक स्थिति को ओर मजबूत कर सकते हैं और वातावरण की शुद्धता के साथ-साथ पानी की बचत करने में भी सहायक होंगे।