पाबंदी के बावजूद जलाई जा रही पराली पांच दिनों में 140 किसानों पर केस दर्ज

Ferozepur News - जिले के थाना कुलगढ़ी, ममदोट व घल्लखुर्द पुलिस की ओर से 15 किसानों के खिलाफ धान की पराली को जलाकर उपायुक्त के आदेशों की...

Nov 10, 2019, 07:46 AM IST
जिले के थाना कुलगढ़ी, ममदोट व घल्लखुर्द पुलिस की ओर से 15 किसानों के खिलाफ धान की पराली को जलाकर उपायुक्त के आदेशों की उल्लंघना करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। अब तक फिरोजपुर जिले में पराली जलाने वाले 140 किसानों पर मामला दर्ज हो चुका है। मामले संबंधी जानकारी देते हुए थाना कुल्लगढ़ी के एएसआई बलजिन्दर सिंह व एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि उनको सूचना मिली कि किसान नछत्तर सिंह पुत्र बख्शीस सिंह निवासी रुकने बेगू व उड़ीक चंद पुत्र कर्म चंद निवासी वजीदपुर ने अपनी जमीन में धान की पराली को आग लगाई है जिसपर पंजाब सरकार की तरफ से पाबंदी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि किसान नछत्तर सिंह और उड़ीक चंद ने डीसी के आदेशों का उल्लंघन किया है। इसी तरह सरहदी सुरक्षा बल की 136 बटालियन के कमांडेंट ने पुलिस थाना ममदोट को दिए बयान में बताया कि गांव महल सिंह वाला में किसान बलजीत सिंह पुत्र वजीर सिंह ने अपनी जमीन में धान की पराली को आग लगाकर डीसी और पंजाब सरकार के आदेशों का उल्लंघन किया है। ममदोट पुलिस ने बताया कि किसान बलजीत सिंह पुत्र वजीर सिंह निवासी महल सिंह वाला के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है। इसी तरह नायब तहसीलदार तलवंडी भाई यादविन्दर सिंह ने थाना घल्लखुर्द पुलिस को बताया कि किसान गुरचरन सिंह, बलविंद्र सिंह, शिंद्र सिंह पुत्र केहर सिंह निवासी गांव चंदड़, जरनैल सिंह पुत्र वसण सिंह निवासी चंदड़, परमिंद्र सिंह, हरमिंद्र सिंह पुत्र प्रताप सिंह निवासी चंदड़, साहब सिंह पुत्र मुखत्यार सिंह, मंगल सिंह पुत्र मुखत्यार सिंह, नछतर सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी गांव गिल, गुरदेव सिंह पुत्र केहर सिंह, सुरजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह, मलकीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी गांव गिल ने अपनी-अपनी, जमीनों में धान की पराली को आग लगाकर जलाया है। नायब तहसीलदार ने बताया कि उक्त सभी किसानों ने पंजाब सरकार और डिप्टी कमिश्नर फिरोजपुर के आदेशों का उल्लंघन किया है।

चालान काटने व केस दर्ज करने के बावजूद किसानों में नहीं दिख रहा डर

किसानों को वित्तीय सहायता देना राज्य सरकार का प्रशंसनीय कदम : डीसी

मुक्तसर| जिला मुक्तसर के डीसी एमके अराविंद कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पराली जलाने के रुझान को रोकने के लिए छोटे व सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता देना राज्य सरकार का प्रशंसनीय कदम है। उन्होंने कहा कि इसके लिए 5 एकड़ से कम जमीन वाले किसान जो गैर बासमती धान की खेती करते हैं व जिन्होंने पराली को आग नहीं लगाई उन्हें वित्तीय सहायता दी जाएगी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों जैसे कि एडीसी, समूह एसडीएम, जिला विकास व पंचायत अधिकारी व समूह ब्लाॅक विकास व पंचायत अधिकारियों को कहा कि वह सरपंचों व पंचायत सचिवों से बैठक करके योग छोटे व सीमांत किसानों जो गैर बासमती धान की खेती करते हैं व उन्होंने अपने खेतों में पराली न जलाई हो, उन्हें वित्तीय सहायता मुहैया करवाई जानी यकीनी बनाएं। उन्होंने कहा कि वित्तीय सहायता लेने के लिए किसानों को एक स्वयं तस्दीक फार्म भरना होगा जोकि खेतीबाड़ी विभाग या पंचायत से प्राप्त किया जा सकता है। डीसी ने खेतीबाड़ी विभाग व सरपंचों को हिदायत करते हुए कहा कि कोई भी योग्य लाभपात्री (छोटे व सीमांत किसान) इस वित्तीय सहायता लेने से वंचित न रह सके, इसलिए किसान अपनी सही जानकारी फार्म में भरें व संबंधित विभाग व पंचायत द्वारा पारदर्शी ढंग से प्रत्येक योग्य लाभपात्री को वित्तीय सहायता देनी यकीनी बनाई जाए। किसानों को अपील की कि धान की पराली को जगाने की बजाए आधुनिक औजारों का उपयोग करके जमीन में ही गलाई जाए।


थाना सदर जीरा, गुरु हरसहाए, तलवंडी भाई, कुलगढ़ी, घल्लखुर्द ममदोट और लक्खो के बहराम में 87 किसानों पर मामला दर्ज

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