• Hindi News
  • Rajya
  • Punjab
  • Ferozepur
  • Firozpur News license of hansraj hospital39s de addiction center suspended health department issued a show cause notice and asked why not get your license canceled

हंसराज अस्पताल के नशामुक्ति केंद्र का लाइसेंस निलंबित, स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा...क्यों न आपका लाइसेंस परमानेंट कैंसिल कर दिया जाए

Ferozepur News - 30 सितंबर को उपायुक्त को मिली शिकायत के बाद जिला प्रशासन व सेहत विभाग की ज्वाइंट टीम ने फिरोजपुर-मोगा रोड स्थित डॉ....

Nov 20, 2019, 07:50 AM IST
Firozpur News - license of hansraj hospital39s de addiction center suspended health department issued a show cause notice and asked why not get your license canceled
30 सितंबर को उपायुक्त को मिली शिकायत के बाद जिला प्रशासन व सेहत विभाग की ज्वाइंट टीम ने फिरोजपुर-मोगा रोड स्थित डॉ. हंसराज मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल व नशामुक्ति केंद्र में संयुक्त रूप से छापेमारी कर नशा छुड़ाओ केंद्र के रिकार्ड की जांच की थी। छापेमारी के दौरान रिकार्ड में कमियां पाए जाने के बाद उपायुक्त चंद्र गैंद खुद जांच कार्य का जायजा लेने मौके पर गए थे व उन्होंने कमियां पाए जाने पर नशामुक्ति केंद्र को सील करने के निर्देश दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई जांच के बाद अब विभाग की ओर से नशा छुड़ाओ केंद्र का लाइसेंस निलंबित कर दिया है व साथ ही अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अस्पताल मैनेजमेंट से पूछा गया है कि क्यों न उनका लाइसेंस परमानेंट तौर पर कैंसिल कर दिया जाए।

जांच के दौरान मिलीं खामियां

उपायुक्त चंद्र गैंद की तरफ से गठित एक स्पेशल टीम ने अस्पताल में औचक निरीक्षण कर नशा छुड़ाओ केंद्र की खामियों को उजागर किया था। अस्पताल में मनोचिकित्सक के अलावा कोई अन्य डॉक्टर मरीजों को नशा छुड़ाने की दवाइयां वितरित कर रहा है, जोकि इस कार्य के लिए अधिकृत नहीं है। इसके अलावा और भी कई खामियां थी। मरीजों को दिए जाने वाले डॉक्टरी कार्ड पर किसी भी डॉक्टर के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके अलावा और भी कई खामियां जांच में सामने आई।

मनोचिकित्सक के अलावा कोई अन्य डॉक्टर मरीजों को नशामुक्ति की दवाइयां नहीं दे सकता, कार्ड पर भी किसी डॉक्टर के नहीं थे हस्ताक्षर

चार सदस्यीय टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की

उपायुक्त के निर्देशानुसार अस्पताल में जांच के लिए पहुंची टीम में एडीसी रविंद्र सिंह, सीएमओ हरि नारायण व सिविल अस्पताल स्थित नशामुक्ति केंद्र में तैनात मनोचिकित्सक डॉ. रचना मित्तल ने हंसराज नशा मुक्ति केंद्र के रिकार्ड की जांच की थी।

अन्य सेंटरों की भी हो रही निगरानी जल्द होगी कार्रवाई : डीसी

नियमों को ताक पर रखकर नशामुक्ति केंद्र चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ अन्य सेंटर्स की भी लगातार निगरानी की जा रही है, जहां भी खामी पाई जाएगी वहां कार्रवाई होगी।

नोटिस के जवाब के बाद होगी अगली कार्रवाई

एडीसी रविंदरपाल सिंह की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट बनाकर सेहत विभाग को भेजी। अस्पताल मैनेजमेंट को कारण बताओ नोटिस जारी करके लाइसेंस परमानेंट तौर पर कैंसिल नहीं करने के कारण बताने को कहा गया है। जवाब के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।

ट्रक ड्राइवर की शिकायत पर हुई कार्रवाई

डीसी को एक ट्रक ड्राइवर ने शिकायत देते हुए बताया था कि वह काफी समय से नशा लेता था। जब उसने नशा छोड़ने का मन बनाया तो वह हंसराज अस्पताल में चल रहे नशामुक्ति केंद्र में गया। वहां मौजूद डाॅक्टर ने उसके बिना ब्लड व यूरीन की जांच किए उसे दवाई दे दी। जब वह वहां से दवा लेकर गया तो उसकी एक अन्य डाॅक्टर से मुलाकात हुई तो उसने कहा कि उक्त दवाइयां उसके लिए ठीक नहीं है क्योंकि यह तो प्राॅपर जांच के बाद दी जानी चाहिए थी। शिकायतकर्ता उक्त डाॅक्टर की बात सुनकर दंग रह गया व उसने इस बात की शिकायत डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद को की। जिसके बाद उसने नशामुक्ति केंद्र की एक वीडियो क्लिप बनाकर भी डीसी को दी। मनोचिकित्सक सुमित देओड़ा की जगह उनके पिता डाॅक्टर सुखदेव राज एमबीबीएस मरीजों को बिना जांच दवा देते साफ नजर आ रहे थे।

X
Firozpur News - license of hansraj hospital39s de addiction center suspended health department issued a show cause notice and asked why not get your license canceled
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना