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अधिकतर स्कूलाें में नहीं सुरक्षित ट्रांस्पोर्ट के प्रबंध

एक वर्ष पहले
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संगरूर के लौंगोवाल में 15 फरवरी काे स्कूल वैन हादसे से सबक लेते हुए सरकार की सख्ती के बाद प्रशासन ने खस्ताहाल स्कूल वाहनों की चेकिंग के लिए एक अभियान शुरू किया था और कई वाहनों के चालान भी किए गए थे। लेकिन अाज स्थिति में खास सुधार अाया हाेगा, एेसा नहीं लगता। स्कूली बच्चाें काे लाने-ले जाने के लिए खस्ताहाल वाहन का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन, स्कूल प्रबंधक अाैर बच्चाें के अभिभावक इस तरफ से जानबूझकर अांखें मूंदे हुए हैं। रही सही कसर ट्रैफिक पुलिस पूरी कर देती है। सबके अपने-अपने तर्क अाैर मजबूरियां हैं, लेकिन बाल सुरक्षा ताे सबसे महत्वपूर्ण है। लाैंगाेवाल हादसे में 4 बच्चाें की माैत हाे गई थी।

अबोहर के ज्यादातर सरकारी व निजी स्कूल ऐसे हैं, जहां बच्चों को लाने-ले जाने के लिए खस्ताहाल ऑटो-टेंपाें लगे हैं, जाे कम खर्च के लिए जहां अभिभावक चुप्पी साधे हुए हैं, वहीं स्कूल प्रबंधक अनदेखा कर रहे हैं। अबोहर में लड़कियाें के दाे बड़े स्कूल सरकारी कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिंह सभा कन्या पाठशाला अाैर सबसे बड़े निजी स्कूल अजम्पशन कॉन्वेंट स्कूल के पास बच्चाें काे लाने-ले जाने के लिए ट्रांस्पोर्ट का काेई प्रबंध नहीं है।

अभिभावकों ने खुद ही लगा रखा है पीटर रेहड़ा : प्रिंसिपल

सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झुरड़खेड़ा के प्रिंसिपल कश्मीरी लाल का कहना है कि हमें पता है कि बच्चों को परीक्षा के लिए पीटर रेहड़े पर ले जाया जाता है, लेकिन इसकाे अभिभावकों ने ही लगाया हुअा है। हमने तो वैन का प्रबंध करने की बात कही थी, लेकिन अभिभावक नहीं माने। हम इसमें क्या कर सकते हैं?

डीएसपी को दिया कार्रवाई करने का अादेश : एसडीएम

एसडीएम विनोद बांसल ने कहा कि प्रशासन बच्चों की सुरक्षा के लिए इतने प्रयास कर रहा है। यह घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने डीएसपी को कार्रवाई करने का अादेश दिया। वहीं, तहसीलदार जसपाल सिंह बराड़ ने संपर्क करने पर कहा कि उन्हें इसके संबंध में कोई जानकारी नहीं है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन हर तरह का प्रयास कर रहा है। अब हमें पता चल रहा है। स्कूल प्रिंसीपल के साथ बात करने के बाद बनती कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पीटर रेहड़ा में पेपर देने जाते हैं झुरड़खेड़ा सरकारी स्कूल के बच्चे


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