नरेगा कर्मियों को मस्टररोल न देने संबंधी मीटिंग, 16 काे देंगे धरना
नरेगा काम में रुकावट डालने व नरेगा कर्मियों को मस्टररोल न देने के रोष स्वरूप वीरवार को नरेगा कर्मियों की मीटिंग गांव बाम में हुई। इस अवसर पर संबोधित करते गुरतेज सिंह व बोहड़ सिंह ने कहा कि गांव बाम में नरेगा काम में रुकावट डाली जा रही है और नरेगा कर्मियों को मस्टररोल भी नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने नरेगा कर्मियों की अर्जियां ईमेल भी की और 20 फरवरी को बीडीपीओ मलोट में धरना भी दिया जिसमें बीडीपीओ मलोट जसवंत सिंह ने 24 फरवरी को नरेगा कर्मियों को मस्ट्रोल देने का कहा था लेकिन अभी तक मस्टररोल नहीं दिया गया। नेताओं ने बताया कि जब जसवंत सिंह बीडीपीओ मलोट से बात की जाती है तो वह एपीओ रछपाल सिंह को बोल देते है और जब एपीओ रछपाल सिंह से बात की जाती है तो वह कहते हैं कि मैं अभी ही आपका मस्टररोल दिला देता हूं लेकिन अभी तक मस्टररोल नहीं दिया गया। नरेगा कर्मियों ने मांग की कि उन्हें 15 फरवरी 2020 से 12 मार्च 2020 तक 29 दिनों का बेरोजगारी भत्ता दिया जाए, नरेगा कर्मियों के रुके पैसे जल्द दिए जाएं, नरेगा को पारदर्शी ढंग से लागू किया जाए, नरेगा की दिहाड़ी 700 व 200 दिन काम दिया जाए। इसी तरह गांव खून्नन कला व भंगचढ़ी में भी नरेगा कर्मियों से भेदभाव किया जा रहा है व नरेगा मजदूरों को मस्टररोल नहीं दिया जा रहा। नेताओं ने कहा कि यदि नरेगा कर्मियों की समस्याओं का समाधान न किया गया तो 16 मार्च को धरना दिया जाएगा। इस अवसर पर बोहड़ सिंह खून्नन कला व बिंदर सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि गांव खून्नन कला में जो गेहूं के कार्ड काटे गए हैं उनको बहाल किया जाए और खून्नन कला में भी तुरंत मस्टररोल दिया जाए।