- Hindi News
- National
- Firozpur News No 12th School In The Village Lack Of Playing Ground And Drainage Fury Among Villagers
गांव में 12वीं का स्कूल नहीं, खेल ग्राउंड और पानी निकासी का भी अभाव, ग्रामीणों में रोष
शनिवार को नौजवान भारत सभा की बैठक गांव मोहन के उताड़ में आयोजित की गई जिसमें गांव की कई मांगों को लेकर सभा की ओर से संघर्ष का ऐलान किया गया। सभा के सदस्यों ने कहा कि खेलमंत्री का गांव होने के बाद भी मंत्री की ओर से गांव में कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। अब गांव की समस्याओं के हल के लिए संघर्ष किया जाएगा अौर तब तक किया जाएगा जब तक सभी मांगों और समस्याओं का हल नहीं हो जाता।
इस मौके पर सभा के प्रदेश कमेटी सदस्य नौनिहाल सिंह व जिला पदाधिकारी सतपाल सिंह मोहनके ने कहा कि गांव में नौजवानों के खेलने के लिए कोई खेल ग्राउंड नहीं है जिससे नौजवान पीढ़ी खेल से दूर होती जा रही है। यदि युवाअाें काे कोई गेम खेलना हाेता है ताे उनको श्मशान घाट में जाकर खेलना पड़ता है। यदि गांव में खेल ग्राउंड हो तो नौजवान पीढ़ी खेल के साथ जुड़ी रहती है और नशों से दूर रहती है। गांव में 8वीं कक्षा तक ही स्कूल है जिस कारण अागे पढ़ने के लिए विद्यार्थियों काे दूर दराज जाना पड़ता है। उन्होंने कहा हर गांव में कम से कम 12वीं तक का स्कूल होना चाहिए। वहीं गांव में कोई डिस्पेंसरी या अस्पताल नहीं है जिस कारण लोगों को इलाज के लिए गुरु हरसहाए जाना पड़ता है जिससे लोगों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि खेलमंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी गांव मोहनके उताड़ के ही हैं। वह चार बार एमएलए बन चुके हैं। लेकिन गांव के विकास की तरफ उनकाे काेई ध्यान नहीं गया। उन्होंने कहा कि जब खेलमंत्री अपने गांव में ही नौजवानों के लिए कोई खेल ग्राउंड नहीं बना सकते तो पूरे पंजाब में नौजवानों को खेल के साथ कितना जोड़ेंगे इसका आप खुद सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं।
इस मौके नौजवान भारत सभा की तरफ से इन मांगों को लेकर संघर्ष करने का ऐलान किया गया। उन्होंने कहा कि सभी मांगों की पूर्ति तक संघर्ष जारी रहेगा । इस मौके नौजवान भारत सभा के नेता जसकरण सिंह जस्सी, सोनू सिंह, मनोहर सिंह, रशपाल सिंह, सुनील, रवि, गोरा, संदीप, गंडा सिंह के अलावा अन्य नौजवान उपस्थित थे।
राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी के खेल मंत्री बनने पर ग्रामीणों को गांव के विकास की आस जगी थी लेकिन तीन साल बाद भी कोई विकास नहीं हुआ