शतचंडी महायज्ञ के 5वें दिन श्रद्धालुओं ने डाली अाहूति

Ferozepur News - श्री संकट मोचन बाला जी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं शिव शक्ति योग मिशन द्वारा कुम्हार मंडी स्थित सिद्धपीठ श्री शीतला देवी...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:45 AM IST
Firozpur News - on the 5th day of shatchandi mahayagya devotees gave caste ahuuti
श्री संकट मोचन बाला जी चैरिटेबल ट्रस्ट एवं शिव शक्ति योग मिशन द्वारा कुम्हार मंडी स्थित सिद्धपीठ श्री शीतला देवी मन्दिर में भागवत कथा और शतचंडी महायज्ञ का आयोजन के पांचवे दिन शनिवार को स्वामी आत्मानंद पुरी महाराज ने भक्तों को शतचंडी महायज्ञ में आहूति डलवाई। कथा सुनने के लिए सैकड़ों भक्तजन शीतला माता मन्दिर के प्रांगण में पहुंचे। स्वामी जी ने कथा के चलते संत की महिमा का व्याख्यान करते हुए बताया कि ऋषि विश्वामित्र जिन्होंने महर्षि वशिष्ठ के परिवार को एक दंड के कारण बहुत दु:ख पहुंचा। लेकिन फिर भी महर्षि वशिष्ठ ने उनसे संत का धर्म ही निभाया। उन्होंने कहा कि उन दोनों संतों पर भी मां भगवती की असीम कृपा थी। जिसके तहत दोनों संतों ने अपने-अपने धर्म की रक्षा की थी। उन्होंने कहा कि भगवत में भी भगवान श्रीराम जी द्वारा समय-समय पर मॉं भगवती की उपासना का प्रसंग आता है। देवताओं के जीवन में भी कोई आपत्ति आती है तो वे भी मां भगवती को ही पुकारते हैं। स्वामी ने बताया कि सभी वेद पुराण भगवान वेद व्यास जी द्वारा इसी धाम में रचे गए हैं। माता नर्मदा देवी जोकि भारत की एक पवित्र नदियों में से एक है। उसके बार विस्तारपूर्वक बताते हुए स्वामी जी ने बताया कि ये भगवान शंकर की पुत्री है। मां भगवती का बखान करते हुए स्वामी जी ने बताया कि जितनी भी चीजें स्त्री लिंग की द्योतक हैं वे सब मां भगवती का स्वरूप हैं जैसे कि विद्या, बुद्धि, शांति, श्रृद्धा, तृष्णा आदि।

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