सिविल अस्पताल पर दवाओं का 55 लाख बकाया 5 साल तक की बच्चियों का नहीं हो रहा फ्री इलाज

Gurdaspur News - भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर पंजाब सरकार द्वारा सभी सिविल अस्पतालों में 5 साल तक की बच्चियों का इलाज बिल्कुल...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:50 AM IST
Gurdaspur News - 55 lakhs of medicines not available for girls up to 5 years of treatment at civil hospital
भास्कर संवाददाता | गुरदासपुर

पंजाब सरकार द्वारा सभी सिविल अस्पतालों में 5 साल तक की बच्चियों का इलाज बिल्कुल फ्री रखा गया है लेकिन अस्पताल के सिर पर मेडिकल स्टोरों का लाखों रुपए बकाया होने के कारण बच्चियों का फ्री इलाज नहीं हो पा रहा और लोगों को अपनी जेब से पैसे खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। इसके अलावा इमरजेंसी आने वाले रोगियों के लिए 24 घंटे सभी सुविधाएं मुफ्त रखी गई हैं। इस दौरान उन्हें लगने वाले ग्लूकोज, इंजेक्शन, सिरिंज जहां तक की इमरजेंसी फीस भी बिल्कुल फ्री है, लेकिन सिविल अस्पताल गुरदासपुर में इस समय ऐसी कोई भी सुविधा रोगियों को नहीं मिल रही उल्टा उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च कर सिरिंज तक खरीदनी पड़ रही है। हालांकि सेहत विभाग अपनी इस नाकामी को छुपाने के लिए सारा ठीकरा रोगियों की संख्या पर फोड़ रहा है।

कमियों का ठीकरा रोगियों की अधिक संख्या पर फोड़ रहा सेहत विभाग

100 रोगियों का सामान 200 को मुहैया करवाना पड़ता : एसएमओ

एसएमओ डा. विजय कुमार का कहना है कि इमरजेंसी में आने वाली परेशानी का सबसे बड़ा कारण रोगियों की संख्या है। सिविल अस्पताल 100 बैड का है लेकिन इस समय अस्पताल में 200 से अधिक रोगी भर्ती हैं। हमारी सरकार को जाने वाली रिक्वायरमेंट 100 बैड की ही जाती है। जब वो सामान आता है तो उसे 200 रोगियों को मुहैया करवाना पड़ता है जिस कारण दवाइयां, इंजेक्शन व ग्लूकोज जल्द समाप्त हो जाता है। 5 साल तक की बच्चियों संबंधी उन्होंने कहा कि हमें किसी तरह का कोई फंड पंजाब सरकार की तरफ से मुहैया नहीं हो रहा। इसी कारण बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल स्टोरों से मंगवाई गई दवाओं का 55 लाख तक का उधार सेहत विभाग के सिर है। यही कारण है कि बाहर से दवा खरीदने में हमें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मरीज बोले- प्राइवेट अस्पतालों के बराबर ही हो रहा इलाज का खर्च

सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इस समय रोगियों को लगाने के लिए न तो ग्लूकोज उपलब्ध है और न ही किसी तरह का कोई इंजेक्शन। जहां तक की रोगी को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए लगने वाली नीडल सिरिंज तक मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। इमरजेंसी में आने वाले रोगियों ने बताया कि इस अस्पताल में इलाज करवाने के लिए वही लोग आते हैं जिनके पास प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करवाने के पासे नहीं होते। लेकिन जहां आने पर भी लगभग खर्च प्राइवेट अस्पताल के आस पास ही हो रहा है क्योंकि सूई से लेकर सारी दवाई बाहर मेडिकल स्टोरों से खरीदनी पड़ रही है। हमें जहां किसी तरह की कोई सुविधा नहीं मिल पा रही। पंजाब सरकार द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में 1 साल तक के सभी बच्चों व 5 साल तक की बच्चियों का सारा इलाज मुफ्त किया गया है। अगर कोई 5 साल तक की बच्ची को सरकारी अस्पताल में भर्ती किया जाता है और उसे देने वाली कोई दवा या इंजेक्शन अस्पताल में नहीं है तो उसे सेहत विभाग अपने खर्च पर दवा खरीद कर मुहैया करवाएगा। लेकिन गुरदासपुर अस्पताल में इस समय ऐसा कुछ नहीं है। अस्पताल में भर्ती बच्चियों के परिजनों से भी सारी दवा बाहर से मंगवाई जा रही है।

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