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इटली से लौटे बच्चे को हुआ बुखार, सैंपल टेस्ट को भेजा

एक वर्ष पहले
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6 फरवरी को सिविल अस्पताल में कोरोना वायरस के संदिग्ध रोगी को भर्ती कर उसका सेंपल दिल्ली भेजा गया था। जांच रिपोर्ट 3 दिन में आनी होती है लेकिन 4 दिन बीत जाने के बाद भी देर शाम तक रिपोर्ट नहीं मिली थी। वहीं, दूसरी तरफ बटाला सिविल अस्पताल की ओर से एक 4 वर्षीय बच्चे को गुरदासपुर सिविल अस्पताल कोरोना टैस्ट करवाने के लिए भेजा था। बच्चे के परिजनों का कहना है कि बच्चे को सिर्फ बुखार की शिकायत है और कुछ नहीं है। डाॅ. मनजिंदर बब्बर ने बताया कि बच्चे का सेंपल लेकर दिल्ली लेबोरेटरी में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह बच्चा करीब 10 दिन पहले अपने परिवार के साथ इटली से लौटा था। कुछ दिनों से बच्चे को बुखार है। सेहत विभाग ने विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखी हुई है। जिसके चलते बच्चे को संदिग्ध मान कर उसका टैस्ट करवाया गया है।

वहीं, सिविल अस्पताल बटाला के एसएमओ डॉ. संजीव भल्ला ने बताया कि डेरा बाबा नानक रोड पर एक गांव में एक परिवार कुछ दिन पहले इटली से आया था। परिवार के 4 साल के बच्चे को खांसी, जुकाम और हलका बुखार होने पर परिवार के लोग उसे लेकर सिविल अस्पताल आए। जांच में कोरोना वायरस से मिलते जुलते लक्ष्ण दिखाई देने पर बच्चे को तुरंत स्पेशल एंबुलेंस में जिला अस्पताल गुरदासपुर भेज दिया गया। सिविल अस्पताल गुरदासपुर में बच्चे के सैंपल लेकर कोरोना वायरस की पुष्टि के लिए दिल्ली या पुणे की हाइलेवल प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। हाइलेवल लैब से तीन दिन में जांच रिपोर्ट आने की संभावना है, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। डॉक्टर भल्ला ने कहा कि कोरोना वायरस से लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग के सुझावों से कोरोना वायरस से लड़ा जा सकता है। लोगों को अपने हाथ दिन में तीन चार बार साबुन से धोने चाहिए। अगर खांसी, जुकाम, तेज सिर दर्द और बुखार के लक्ष्ण दिखाई दें तो तुरंत सिविल अस्पताल में जांच करवाएं। हाथ मिलाने से परहेज किया जाना चाहिए और खांसते या छींकते हुए नाक और मुंह पर हाथ या रूमाल रखने की बजाए कोहनी से नाक व मुंह ढकना चाहिए।

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