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सिविल सर्जन के पद को लेकर विवाद गहराया, डाॅ. किशन चंद ने कार्यभार सौंपने के लिए लिखा पत्र

एक वर्ष पहले
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सिविल सर्जन गुरदासपुर के पद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुरदासपुर से बदले गए सिविल सर्जन डाॅ. किशन चंद ने डाॅ. जुगल किशोर को कार्यभार उन्हें सौंपने के लिए पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि 9 मार्च को उन्होंने प्रमुख सचिव सेहत एवं परिवार भलाई विभाग के साथ चंडीगढ़ में मुलाकात की थी, जिस दौरान प्रमुख सचिव ने मौखिक तौर पर उन्हें बतौर सिविल सर्जन गुरदासपुर अपनी सेवाएं जारी रखने का आदेश दिया है। उनका कहना है कि उनके तबादले को लेकर हाइकोर्ट की ओर से उन्हें स्टे ऑर्डर दिया गया था। उन्होंने पत्र में डाॅ. किशोर को कहा है कि जिले के कामों को सुचारू ढंग से चलाने के लिए और वित्तीय साल मार्च माह को ध्यान में रखते हुए उनके काम में विघ्न न डाला जाए। इसलिए डाॅ. किशोर अगली पोस्टिंग प्राप्त कर नई जगह पर तैनात हों। गौरतलब है कि डाॅ. किशन चंद और डाॅ. जुगल किशोर ने 31 मार्च को रिटायर होना है। विवाद के चलते यह सस्पेंस बना हुआ है कि गुरदासपुर के सिविल सर्जन के तौर पर आखिर रिटायरमेंट कौन लेगा।

उधर, डाॅ. किशोर का कहना है कि उन्होंने 27 फरवरी को बतौर सिविल सर्जन ज्वाइन किया था, जबकि डाॅ. चंद का तबादला 26 को डिप्टी डायरेक्टर बीबीएनबी नंगल के तौर पर हुआ है। अदालत की ओर से 3 मार्च को स्टे ऑर्डर जारी किया गया था, तब तक वह ज्वाइन कर चुके थे।

}26 फरवरी को हुए तबादले के ऑर्डर

चीफ प्रमुख सचिव सेहत एवं परिवार भलाई विभाग की ओर से 26 फरवरी को आदेश जारी कर डाॅ. किशन चंद का तबादला डिप्टी डायरेक्टर बीबीएनबी नंगल के तौर पर कर दिया गया था और डाॅ. जुगल किशोर को गुरदासपुर में तैनात कर दिया था। डाॅ. किशन चंद ने तबादले के खिलाफ हाइकोर्ट में पटीशन दायर कर दी थी, जिसकी सुनवाई के बाद माननीय अदालत ने स्टेटस-को का फैसला उनके हक में कर दिया था। इसके बाद डाॅ. चंद ने प्रमुख सचिव को अदालत के फैसले की कॉपी भेजकर उन्हें फिर से सिविल सर्जन गुरदासपुर का कार्यभार सौंपने के लिए कहा था। उन्होंने अदालत में दलील दी थी कि उनकी रिटायरमेंट जल्द होने वाली है, जिसके आधार पर उन्हें अदालत से स्टेटस-को प्राप्त हुआ था। फिलहाल उन्हें सिविल सर्जन का कार्यभार नहीं मिल पाया है, जिसके चलते अब उन्होंने डाॅ. किशोर को पत्र लिखा है, जिसकी कॉपियां माननीय अदालत, प्रमुख सचिव, डीसी और डायरेक्टर सेहत विभाग को भेजी गई हैं।

डाॅ. किशन चंद और डाॅ. जुगल किशोर।
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