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पति की मौत के गम में रोजाना पी जाती थी एक बोतल शराब, अब बेटे की खातिर नशे से तौबा करने का प्रण
प्रदेश में जहां युवक नशे की दलदल में धंसे हुए हैं, वहीं कुछ महिलाएं भी इसके चंगुल में फंसी हुई हैं। ऐसी ही एक महिला ने अब नशा छोड़ने का प्रण लिया है। यही नहीं उसका कहना है कि वह अपनी साथी महिलाओं को भी नशे का त्याग करने की प्रेरणा देगी, ताकि इस लाहनत को समाज से खत्म किया जा सके। गुरदासपुर के एक गांव की रहने वाली यह महिला अब जेके सोसायटी के आउटरीच एंड ड्रॉप इन सेंटर में इलाज करा रही है। सेंटर की इंचार्ज वरिंदर कौर ने बताया कि पहले उक्त महिला की काउंसलिंग की गई, जबकि अब उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत में अब काफी सुधार आ चुके है और वह दूसरों के लिए मिसाल बनना चाहती है।
3 साल से कर रही नशा }सुबह ही नशा कर लेती और सारा दिन नशे में डूबी रहती
महिला ने बताया कि करीब तीन साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। इस दौरान ससुराल वालों ने उससे किनारा कर लिया। इसलिए मायके आकर रहना पड़ा। पति की मौत के करीब तीन माह बाद उसने निजी संस्था में सफाई कर्मी के तौर पर काम करना शुरू किया। इस दौरान उसकी पहचान पीजी में रहने वाली कुछ लड़कियों से हुई। वह भी उनके साथ पीजी में रहने लगी। इस दौरान लड़कियों के साथ उसने पहले बीयर पीना शुरू किया, जो धीरे-धीरे शराब में बदल गया। यही नहीं उसने नशे के इंजेक्शन तक लेना शुरू कर दिया। नशे की ऐसी लत लगी कि वह रोजाना एक बोतल शराब पी जाती थी। सभी एकसाथ नशे के लिए पैसा एकत्र करते थे और फिर सारा दिन इसमें डूबे रहते थे। एक समय ऐसा भी आ गया कि सुबह से ही नशा करना शुरू कर देती थी। ऐसे में काम पर भी नहीं जा पाती थी। किसी न किसी तरह बहाने बनाकर समय निकालती रही, लेकिन अब डेढ़ साल के बेटे के लिए नशा छोड़ने का प्रण लिया है।
बेटा नानी के पास छोड़ा }नशे में उसकी तरफ कभी ध्यान ही नहीं गया | पीजी में लड़कियों के साथ रहने के दौरान उसने बेटे को नानी के पास छोड़ दिया। नशे में इस कद्र धुत्त रहती थी कि बेटे की तरफ ध्यान ही नहीं जाता था। करीब दो माह पहले उसे अहसास हुआ कि बेटे को मां की जरूरत है। बस फिर क्या था उसने नशे को त्यागने का प्रण ले लिया और जेके सोसायटी के सेंटर में पहुंच गई। यहां पर मैडम वरिंदर कौर ने पहले तो उसकी काउंसलिंग की और फिर इलाज शुरू कराया। अब वह जीवन में कभी नशा न करने का प्रण ले चुकी है। यही नहीं वह आसपास की महिलाओं को भी इससे दूर रहने की प्रेरणा देगी।
सेंटर में महिला की काउंसलिंग करती वरिंदर कौर।