भारत-चीन सीमा पर गश्त करते जवान की आॅक्सीजन की कमी से मौत, सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

Gurdaspur News - भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान आॅक्सीजन की कमी के चलते सेना के एक जवान मेजर सिंह की मौत हो गई। मेजर सिंह का पार्थिव...

Oct 13, 2019, 07:31 AM IST
भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान आॅक्सीजन की कमी के चलते सेना के एक जवान मेजर सिंह की मौत हो गई। मेजर सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लपेट कर शनिवार को हवाई मार्ग से अमृतसर लाया गया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव बटाला के घसीटपुर पहुंचाया।

सेना की टुकड़ी की सलामी के साथ ड्यूटी पर जान निसार करने वाले जवान के शव का अंतिम संस्कार किया गया। मृतक मेजर सिंह की धर्म प|ी लवप्रीत कौर ने बताया कि मेजर सिंह ने 18 साल पहले फौज की नौकरी ज्वाइन की थी। मेजर सिंह 4 सिख बटालियन में बतौर नायक भारत-चीन बाॅर्डर पर डिबरूगड पोस्ट पर तैनात थे। वीरवार को सरहद पर गश्त के दौरान अचानक आॅक्सीजन की कमी महसूस करते हुए वह चक्कर खाकर गिर पड़े। साथी जवानों ने उन्हें फौरन फर्स्ट एड मुहैया करवा गंभीर अवस्था में सेना के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

अंतिम संस्कार के समय सेना की गुरदासपुर यूनिट से सैन्य टुकड़ी ने उन्हें सलामी दी। मृतक नायक मेजर सिंह की प|ी लवप्रीत ने कहा कि उन्हें पति के इस दुनिया से जाने का जितना गम है, वह केवल वहीं जानती है, लेकिन साथ ही उन्हें इस बात का गर्व है कि उनके उनके पति नायक मेजर सिंह ने अपनी ड्यूटी करते हुए अपनी जान दी है। वह देश के लिए डयूटी निभाते शहीद हुए हैं। लवप्रीत कौर ने आंखों में आंसू भरते हुए बताया कि उनके पति की मौत के बाद उनकी 15 व 12 साल की दो बेटियों व 10 साल के बेटे के सिर से पिता का साया उठ गया है। गौर हो कि ड्यूटी पर जान निसार करने वाले सेना के नायक मेजर सिंह के अंतिम संस्कार पर जहां सेना की टुकड़ी व गांव के समूह उन्हें सम्मान देने लोग पहुंचे, वहीं प्रशासन व किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई भी जवान के परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा।

मेजर सिंह।

शहीद जवान की प|ी और बच्चे विलाप करते हुए। -भास्कर

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