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नशे से बचने को युवा देश से बाहर जा रहा : बाजवा

एक वर्ष पहले
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बरगाड़ी कांड व बेअदबी के आरोपियों को सजा देने पर ही बाजवा कैप्टन का चुनावों में देंगे साथ

नेक नीयत से उठाई गई कसम वाहेगुरू के दरबार में भी परवाण की जाती है तथा कसम खा कर भूल जाने के परिणामों को भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए। बरगाड़ी कांड तथा बेअदबी के आरोपियों को जेलों में ठूंसने पर प्रताप सिंह बाजवा कैप्टन के साथ चलेगा, वर्ना उसके गुनाहों की सजा भुगतने के लिए मैं कभी तैयार नहीं हूं।

उक्त विचार राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने ब्लॉक कांग्रेस के अध्यक्ष एवं बाजवा परिवार के खासमखास महिन्द्रलाल के निवास पर व्यक्त किए। इस मौके उनके साथ विधायक बलविन्द्र सिंह लाडी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भले ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्द्र सिंह द्वारा महिलाओं के बस किराए माफ किए जाने के बारे में 80 प्रतिशत बसें तो पहले ही प्राइवेट कंपनियों की हैं। वर्ष 2022 के होने वाले चुनावों में पंजाब के किसी क्षेत्र से चुनाव लड़ने की बात तो मानी, लेकिन क्षेत्र के बारे में उन्होंने विस्तार सहित नहीं बताया। सिद्धू द्वारा दिए गए इस्तीफे पर उन्होंने अफसोस जताया।

उनके साथ ब्लॉक कांग्रेस के प्रधान महिन्द्र लाल के अलावा कांग्रेस नेता विक्की महाजन, तिलक राज महाजन, राकेश कुमार, डीएसपी संजीव कुमार, एसएचओ परमिन्द्र सिंह, डॉ.विक्रमजीत सिंह, डीएसपी गुरदासपुर व कांग्रेसी वर्कर मौजूद थे।

कसम से नशा खत्म नहीं होता, कार्रवाई से होता है

नशे के मुद्दे पर बोलते हुए प्रताप सिंह बाजवा कि गुटका हाथ में लेकर चार सप्ताह में नशा खत्म करने की कसम से नशा खत्म नहीं होता, सिर्फ नशे के बड़े व्यापारियों को पकड़ कर जेल में ठूंसने से इस पर लगाम लगाई जा सकती थी। नशे के बहते छठे दरिया को देखते हुए राज्य की जनता आज अपने पढ़े लिखे बच्चों को विदेशों में भेज रही है, ताकि उनके बच्चे नशे जैसी कोहड़ से बच सकें। उन्होंने कहा कि वो दिन दूर नहीं जब पंजाबी पंजाब में अल्पसंख्यक हो जाएंगे तथा दूसरे राज्यों से आने वाले प्रवासी राज्य में बहुसंख्यक हो जाएंगे।

पत्रकारों को जानकारी देते राज्य सभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा।
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