भोला ड्रग केस : 15 एनआरआई को गैरजमानती वारंट

Hoshiarpur News - 6 हजार करोड़ रुपए के भोला ड्रग केस में मोहाली की एक विशेष अदालत ने कनाडा और इंग्लैंड में इस ड्रग्स रैकेट में...

Feb 15, 2020, 07:50 AM IST

6 हजार करोड़ रुपए के भोला ड्रग केस में मोहाली की एक विशेष अदालत ने कनाडा और इंग्लैंड में इस ड्रग्स रैकेट में वाटेंड 15 एनआरआईज के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए हैं। यह वारंट ईडी द्वारा इस केस में दायर किए 9 मामलों में किए गए हैं। वारंट जारी होने के बाद अब इन एनआरआईज को ईडी इंटरपोल के जरिए गिरफ्तार करवा सकती है। इनमें कनाडा के वो एनआरआई भी शामिल हैं जिनकी लिस्ट सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो को भारत दौरे के दौरान अमृतसर में सौंपी थी। वहीं, एक दूसरे मामले में शामिल एनआरआई अनूप सिंह काहलो जमानत के बाद भारत से फरार हो गया है हालांकि यह बात कही जा रही है कि काहलों साउथ अफ्रीका में पकड़ा गया है लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। काहलों के फरार होने के बाद अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित करने के िलए कार्रवाई शुरू कर दी है। मालूम हो कि काहलों से 20 किलो से ज्यादा हेरोइन पकड़ी गई थी और 2019 में उसे मोहाली की अदालत ने पंजाब पुलिस की ओर से दायर किए गए ड्रग केस में 12 साल की सजा सुनाई थी जिसे बाद में पंजाब एडं हरियाणा हाईकोर्ट ने सजा को सस्पेंड कर दिया था और काहलों को ईडी के केस में भी जमानत मिल गई थी लेकिन वह दोबारा ईडी वाले केस में अदालत में पेश नहीं हुए और पता चला है कि वह भारत से फरार हो गया है माना जा रहा है कि काहलों नेपाल के रास्ते भागा है।

इनके खिलाफ जारी किए गैरजमानती वारंट

इस केस में ईडी ने भी मनी लांडरिंग का केस कई एनआरआईज पर दायर किया था और अब उसी केस में कनाडा में रह रहे सतप्रीत सत्ता, परमिंदर पिंदी, अमरेंद्र सिंह लाडी, गुरसेवक सिंह ढिल्लों, महेश कुमार गावा, राय बहादुर नरबल, सर्वजीत सिंह संधर, रणजीत कौर काहलों, निरंकार सिंह ढिल्लों उर्फ नौरंग, रणजीत सिंह ओजला, प्रदीप सिंह धारीवाल, अमरजीत सिंह कुनर, लेंवर सिंह और प्रमोद शर्मा उर्फ टोनी, दारा सिंह शामिल हैं। इनमें से सत्तप्रीत सत्ता, पिंदी, अमरेंद्र लाडी तो कनाडा में हैं और कुछ इंग्लैंड के भी शामिल हैं। सतप्रीत सत्ता कनाडा के एडमिंटन शहर में रह रहा है और पता चला है कि वहां पर करीब 2 साल पहले 10 मिलियन से ज्यादा की एक बड़ी बिल्डिंग वहां पर सत्ता के एक करीबी ने खरीदी थी जिसके बारे में कनाडा में काफी चर्चा होती रही है, जहां यह बात उल्लेखनीय है कि यह लोग पंजाब से दवाइयों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल को सस्ते दाम पर खरीद कर एक ड्रग तैयार करते थे जिसे कनाडा में आइस कहा जाता है और इंग्लैंड में उसे स्पीड के नाम पर जाना जाता है। यह ड्रग ज्यादा तक रेब पार्टियों में इस्तेमाल की जाती है, जानकारों की माने तो जहां से 2 हजार रुपए का यह केमिकल कनाडा में एक लाख रुपए का बिकता था।


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