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100 स्कूलों में सप्लाई कर दी है 90 से ज्यादा की पेमेंट मिल गई

एक वर्ष पहले
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जिला होशियारपुर के करीब 100 सरकारी स्कूलों में डीईओ की धमकी देकर किताबें बेचने के आरोप में आखिरकार शिक्षा विभाग ने घुम्मण न्यूज एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। शिक्षा सचिव ने यह कार्रवाई दो सदस्यीय जांच अधिकारियों की रिर्पोट के आधार की है। मामला तब खुला था जब कंधाला जट्टां सरकारी हाई स्कूल में घुम्मन न्यूज एजेंसी के मालिक इकबाल सिंह घुम्मण किताबें सप्लाई करने गए थे। किताबों के साथ-साथ उन्होंने अध्यापकों को कंबल भी ऑफर किए, लेकिन जब इसका विरोध हुआ तब वहां पर उन्होंने डीईओ मोहन सिंह लेहल की धमकी दी। इसकी शिकायत शिक्षा सचिव तक पहुंची उन्होंने जांच के लिए डीपीआई आफिस (पंजाब) में तैनात डिप्टी डायरेक्टर प्रशासन मेजर अमित सरीन और सहायक डायरेक्टर गुरजीत सिंह को होशियारपुर भेजा था। बता दें कि सरकारी स्कूल के पुस्तकालयों के लिए केंद्र और पंजाब सरकार ने प्राइमरी के लिए 5 हजार, मिडल स्कूलों के लिए 8 हजार, हाई स्कूल के लिए 10 और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए 15 हजार रुपए की ग्रांट मंजूर की है।

घुम्मण न्यूज एजेंसी के मालिक ने कहा-

जांच अधिकारी ने क्लर्क बन फोन पर पूछा-

एेसे पकड़ी गईचोरी

शिक्षा सचिव का आदेश- कोई भी स्कूल घुम्मण न्यूज एजेंसी से किताबें न खरीदे

डीईओ साहब, बुक सप्लाई और पेमेंट के बारे में जानना चाहते हैं

सरकारी स्कूल में किताब खरीद घोटाले की जांच में घुम्मण न्यूज एजेंसी ब्लैकलिस्ट

जांच रिर्पोट में सिफारिश की गई है कि पूरे पंजाब में किताबों की खरीद के मामले में ऑडिट करवाया जाए, वहीं इसके भी संकेत है कि जिन स्कूल मुखियों ने नियमों की अनदेखी कर किताबों की खरीदीं हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। बता दें कि 17 दिसंबर 2019 को शिक्षा विभाग ने गाइडलाइन जारी की थी, जिसके अनुसार स्कूल हेड अपने स्कूल के 3 अध्यापकों की एक कमेटी बनाएगा और बच्चों के मेंटल लेवल के अनुसार ही किताबंे खरीदेगा। मामले में डीईओ लेहल और प्राइमरी शिक्षा के जिला शिक्षा अधिकारी संजीव गौतम का भी नाम सामने आ रहा है। हालांकि संजीव गौतम ने साफ कहा कि वे किसी घुम्मन एजेंसी को नहीं जानते। वहीं लेहल ने कहा कि जांच एकतरफा की गई है।

कंधावा जट्टा हाई स्कूल के अध्यापक भरत तलवाड़ के अनुसार 12 फरवरी 2020 को घुम्मण बुक एजेंसी के मालिक इकबाल सिंह घुम्मण जब स्कूल में किताबें देने आए तो वहां पर मौजूद सभी अध्यापकों ने कहा कि वह बच्चों के हिसाब से किताबें खरीदेंगे। इस पर इकबाल सिंह ने किताबों के साथ कंबल देने की पेशकश की। इस परकहा गया कि अगर आप स्कूल की सहायता करना चाहते हैं तो बच्चों के लिए अलमारी या फर्निचर दें जिसे सुनकर घुम्मण भड़क उठे और डीईओ मोहन सिंह लेहल का डरावा देते हुए कहने लगे, ‘मुझे लेहल ने भेजा है अगर किताबें नहीं ली तो इसके नतीजे कुछ और होंगे।’ अगले दिन जब मैं स्कूल आया तो वहां पर बाकी साथियों ने कहा कि डीईओ लेहल साहब गुस्से में हैं और तुम्हें फंसा सकते हैं। इसे लेकर मैं सारी रात सो नहीं पाया। तलवाड़ ने कहा कि पहले तो मैं एक व्हाट्सएप मैसेज लिख कर अपने कुछ साथियों को भेजा। बाद में कुछ लोगों ने उस मैसेज को शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार को भेज दिया जिस पर उन्होंने जांच के लिए दो सदस्यी टीम डीपीआई ऑफिस से 15 फरवरी को भेज दी और उन्होंने कंधाला जट्टा स्कूल के साथ साथ देहरी वाल स्कूल के अध्यापकों के साथ पूछताछ की।

अब पूरे पंजाब में किताब खरीदने का होगा ऑडिट**

भरत तलवाड़ के व्हाट्सएप मैसेज से मामला आया था प्रकाश में... **

यह है पूरा मामला...**

नाम बदलकर भी किताब नहीं बेच पाएगा घुम्मण**

जांच रिर्पोट सौंपने के बाद शिक्षा सचिव ने 26 फरवरी को ही घम्मण न्यूज एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के आर्डर जारी कर दिए थे। यही नहीं पत्र जारी होने के बाद 6 मार्च को पूरे पंजाब में यह आदेश दिए गए कि कोई भी स्कूल भविष्य में घुम्मण न्यूज एजेंसी से किताबें नहीं खरीदेगा और साथ ही कहा कि अगर आने वाले समय के दौरान घुम्मण न्यूज एजेंसी के मालिक नाम बदलकर भी किताबें बेचते हैं तो तो भी उनसे कोई स्कूल खरीददारी नहीं करेगा।
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