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15 दिन में न्याय नहीं तो एसएसपी दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल की धमकी

भास्कर संवाददाता| होशियारपुर तलवाड़ा के गांव अमरोह में बुजुर्ग सुखदेव ने गांव के सरपंच नरेश और एक पुलिस अधिकारी...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 03:05 AM IST
15 दिन में न्याय नहीं तो एसएसपी दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल की धमकी
भास्कर संवाददाता| होशियारपुर

तलवाड़ा के गांव अमरोह में बुजुर्ग सुखदेव ने गांव के सरपंच नरेश और एक पुलिस अधिकारी पर मारपीट के आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उसको 15 दिन में न्याय नहीं मिला तो वह एसएसपी दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल पर बैठेगा। सुखदेव ने बताया कि उसने चार लोगों के साथ मिलकर जमीन खरीदी थी, जिसको बाद में बांटा गया तो उसके हिस्से में 35 मरले जमीन आई। जब 2016 में उसने वहीं निर्माण कार्य शुरू करवाया तो सरपंच ने उसकी शिकायत पुलिस में कर दी। जिससे उसका काम रुक गया। उन्होंने बताया यह मामला डीडीपीओ की अदालत में हैं। इसके बाद सरपंच ने 10-15 लोगों को भेजकर 8 अक्टूबर 2016 को उन पर हमला करवा दिया। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया। सरपंच ने 6 मार्च 2017 को फिर पुलिस और लोगों को भेजकर उसके बेटे के साथ मारपीट की जिस वजह से वह बुरी तरह घायल हो गया था। सुखदेव ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने तलवाड़ा में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 मार्च 2018 को उन्होंने लिखित शिकायत एसएसपी दफ्तर भी की, लेकिन अभी तक न तो पुलिस अधिकारी और न ही सरपंच के लोगों पर कार्रवाई हुई।

सरपंच-अदालत ने दिसंबर 2016 में फैसला उनके हक में दे दिया

इसके बारे में अमरोह सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि 2016 में सुखदेव उसकी जमीन के साथ लगती पंचायती जमीन पर इमारत बनवा रहा था। इसकी सूचना मिलते ही उसको पंचायत की तरफ से नोटिस निकाला गया, लेकिन नहीं माना और काम जारी रखा। इसके बाद उसे दूसरी बार भी नोटिस भेजी गई इसके बाद भी वह नहीं रुका तो उन्होंने बीडीपीओ दफ्तर की तरफ से नोटिस जारी करवाया लेकिन वह रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था जिसके बाद उनको पुलिस में शिकायत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा अक्टूबर 2016 में दोनों पक्षों को थाना तलवाड़ा में बुलाया गया जहां पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए कहा की यह जमीनी मामला है इसके लिए जमीन पर अगर स्टे है तो काम रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि 8 अक्टूबर को निर्माण काम रोकने के लिए उन्होंने कुछ लोगों को भेजा था, लेकिन वहां सुखदेव के 15-20 बंदूकधारी उनके ऊपर ही हमला कर उनको घायल कर दिया। सरपंच ने बताया कि डीडीपीओ की अदालत ने दिसम्बर 2016 में फैसला उनके हक में दे दिया, लेकिन उसके बाद भी सुखदेव ने इमारत को बढ़ाने का काम नहीं रोका जिसको लेकर पंचायत ने इसकी शिकायत चंडीगढ़ स्थित डायरेक्टर पंचायत को की जिन्होंने इस जमीन पर 14 अगस्त 2017 को स्टे लगा दी। सुखदेव ने 6 मार्च 2018 को विवादित जमीन पर बनी इमारत में शटर लगाने की कोशिश की तो इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी और जब मौके पर एक पुलिस अधिकारी अपनी पुलिस टीम के साथ वहा काम को रुकवाने के लिए पहुंचे तो उक्त व्यक्ति का बेटा पुलिस को देख कर दौड़ने लगा और गिरकर चोटिल हो गया था, जिसको बाद में दूसरा रूप दे दिया गया है।

पुलिस नू ते चपेड़ मारन दा हुकम नहीं लत्त तोड़ना बड़ी दूर दी गल : थानाध्यक्ष

इस बारे में तलवाड़ा थाने के थानाध्यक्ष सुरिंदर कुमार ने कहा कि पुलिस नू ते चपेड़ मारन दा हुक्म नहीं लत्त तोड़ना बड़ी दूर दी गल है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच में एक बात सामने आई है कि सुखदेव ने सिर्फ यह जानबूझ कर कहानी बनाई है। उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस ने सारी रिपोर्ट तैयार कर एसएसपी दफ्तर भेज दी है।

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