महिलाओं को अधिकारों से करवाया अवगत
वुमेन डे पर पीपीसी सदस्य सरिता शर्मा ने इलाके के विभिन्न गांव में आयोजित महिला दिवस समारोह में महिलाओं को अपने हकों के प्रति जागृत किया।इस मौके पर उन्होंने कहा कि समय के साथ-साथ समाज में महिलाओं की स्थिति में भी कई बदलाव आए हैं।
वैदिक काल से ही नारी को जग जननी का दर्जा दिया गया है। जैसे मां सरस्वती को विद्या की देवी और मां दुर्गा का रूप इस बात का प्रमाण है कि जरूरत पड़ने पर औरत जुल्म के खिलाफ लड़ने की भी समर्था और शक्ति रखती है। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि आज भी हमारे समाज में औरतों की हालत सुधरी नहीं है। आज भी औरतें घरेलू हिंसा, भेदभाव , कई तरह के अत्याचार का शिकार हो रही हो रही है। राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। 50% आरक्षण की बात कहने के बावजूद 10% भी महिलाओं को राजनीति में स्थान नहीं दिया जा रहा। अब वक्त आ गया है कि महिलाओं की रजिस्ट्रेशन को असली जामा पहनाया जाए । इसके लिए महिलाओं को खुद अपने हकों के प्रति संघर्ष करना पड़ेगा। प्रत्येक औरत को एक दूसरे का दुख बांटना होगा। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार गिर रहे लिंग अनुपात को बराबर करना होगा। इस मौके पर सैलाखुर्द सरपंच नीलम रानी, मैडम गुरबख्श कौर, प्रमिला, स्वीटी ठाकुर, अरुणा ठाकुर, तिवारी चंदा, रंजीत कौर, गुरप्रीत कौर, किरण बाला, सुमन कुमारी सहित अन्य महिलाएं मौजूद थीं।
समारोह के दौरान पर महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करतीं सरिता शर्मा। -भास्कर