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वेद मंत्रोच्चारण में जिंदबाबा संस्कृत महाविद्यालय के रिशु प्रथम
विश्वेश्वरानंद विश्वबंधु संस्कृत भारत-भारती अनुशीलन संस्थान, साधु-आश्रम में छात्र वार्षिकोत्सव और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके मुख्यातिथि प्रो.जगदीश प्रसाद सेमवाल और अध्यक्ष आचार्य इन्द्रदत्त उनियाल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण और सरस्वती वन्दना से हुआ।
विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार ने मुख्यातिथि और अध्यक्ष का माल्यार्पण से स्वागत किया। प्रो. प्रेमलाल शर्मा और प्रो. प्रभात सिंह ने विभिन्न संस्थानों से आए निर्णायकों को सम्मानित किया। मंच संचालन छात्र परिषद के अध्यक्ष डॉ. ऋतुबाला और उपसचिव हिमांशु ने किया। प्रतियोगिताओं में 50 से भी अधिक पंजाब, हरियाणा, हिमाचल आदि स्थानों से आए छात्रों ने भाग लिया।
संस्कृत वेदमन्त्रोच्चारण-प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिशु कुमार श्री जिन्दबाबा संस्कृत महाविद्यालय, चंडीगढ, दूसरा स्थान आदर्श महापात्र गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर, तीसरा स्थान कमल शर्मा श्री रुद्रानन्द जी आश्रम, ऊना और चलविजयोपहार गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर ने प्राप्त किया।
इस अवसर पर वेद मंत्र में भाग लेने वाली ऋचा संस्कृत विभाग, चंडीगढ़ को मुख्यातिथि और अध्यक्ष महोदय ने विशेष सम्मान से सम्मानित किया। संस्कृत भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रितिका राजकीय संस्कृत कॉलेज, नाहन, दूसरा पुरस्कार विनोद कुमार श्री शक्ति संस्कृत महाविद्यालय, श्री नयना देवी जी, बिलासपुर, तीसरा स्थान अंशुल पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, सांत्वना पुरस्कार ओंकार हिंगणे गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर और चलविजयोपहार राजकीय संस्कृत कालेज नाहन ने प्राप्त किया।
संस्कृत श्लोकोच्चारण-प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ऋचा पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, दूसरा स्थान हरिदेव पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़, तीसरा स्थान विशाल राजकीय संस्कृत कॉलेज, नाहन और चलविजयोपहार पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ ने प्राप्त किया। संस्कृत प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वेद व्यास परिसर बलाहर के छात्रों केवल और गौरव ने प्राप्त किया।
सभाध्यक्ष आचार्य इन्द्रदत्त उनियाल ने छात्रों को प्रेरणायुक्त वचनों से अलंकृत किया। प्रिंसीपल उमेश ने अच्छे अंक प्राप्त करने वाले और धन के अभाव से युक्त दो छात्रों को 1100 रुपए की दो छात्रवृत्तियां प्रदान की। अंत में निर्णायक प्रो. घनश्याम उनियाल, प्रो. कन्हैया लाल पराशर, प्रो. शिवाधार चौबे, डॉ. रुबी जैन, डॉ. देवराज, डॉ. सांख्यायन को सम्मानित किया गया।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता पुरस्कारों के साथ -भास्कर