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जीवन जीने की कला सिखाते है सतगुरु: अर्चना

प्रवचन करते साध्वी अर्चना भारती जी। धर्म दिव्य ज्योति जागृति संस्थान जलालाबाद आश्रम में करवाया...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:35 AM IST
प्रवचन करते साध्वी अर्चना भारती जी।

धर्म

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान जलालाबाद आश्रम में करवाया साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम

भास्कर संवाददाता| जलालाबाद

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान जलालाबाद आश्रम में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें विष्णू अर्चना भारती जी ने बताया कि आज हर इंसान संसार मे जीवन तो व्यतीत कर रहा है, परंतू असल जीवन क्या है, हम इस संसार मे क्यों आए है, हमारे मनुष्य के जन्म लेने के पीछे क्या कारण है इस बात से मनुष्य अनजान बना हुआ है। इस संसार मे बहुत से जीव, जन्तु जन्म लेते है लेकिन हमारे धार्मिक ग्रंथो शास्त्रो मे मनुष्य के जन्म का ही गूणगान किया गया है। इस जन्म मे ही समाज कल्याण के कार्य किए जा सकते है ओर इस जन्म के मुख्य उद्देश्य को जाना जा सकता है। इस जन्म मे आ कर ही जीवन जीने की कला को समझा जा स्कता है। जीवन जीने की कला को सिखाने के लिए समय समय पर संत महापुरुष इस धरा पर अवतरित होते रहते है। एक पूर्ण संत महापुरुष इस बात की केवल जानकारी ही नही देते कि मानव जीवन का उद्देश्य क्या है बलकि उसको उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए रास्ता एवं साधन के रूप मे ब्रह्म ज्ञान प्रदान करते है। साध्वी जी ने आगे बताया कि हमारे धार्मिक ग्रंथो मे जीवन जीने की कला के रहस्य छिपे हुए है जो कि एक पूर्ण संत महापुरुष के द्वारा ही समझाए जा सकते है। इसीलिए हमे भी ऐसे पूर्ण संत महापुरुष की खोज करनी चाहिए जो धार्मिक ग्रंथो मे बताए गए जीवन की कला के बारे मे समझा दे।(मदान)

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