एक्शन / मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर की चिंता के बाद गूगल ने रेफ्रेंडम 2020 एप को प्ले स्टेार से हटाया



सीएम ने एप को लेकर चिंता व्यक्त की। सीएम ने एप को लेकर चिंता व्यक्त की।
X
सीएम ने एप को लेकर चिंता व्यक्त की।सीएम ने एप को लेकर चिंता व्यक्त की।

  • करतारपुर कॉरिडोर खुलने से एक दिन पहले 8 नवंबर को सवाल उठाए थे कैप्टन ने
  • 9 नवंबर को आईजी पुलिस (क्राइम) नागेश्वर राव ने भारत में गूगल की लीगल सेल के समक्ष बात रखी थी

Dainik Bhaskar

Nov 19, 2019, 06:21 PM IST

जालंधर. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की चिंता के बाद गूगल ने सिख रेफ्रेंडम 2020 एप को प्ले स्टोर से हटा दिया। कैप्टन ने करतारपुर कॉरिडोर खोले जाने के एक दिन पहले ही यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद 9 नवंबर को आईजी पुलिस (क्राइम) नागेश्वर राव ने भारत में गूगल की लीगल सेल के समक्ष बात रखी। गूगल की तरफ से इस एप के प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस द्वारा किए जाने की बात स्वीकार की थी। इसके बाद इस एप को प्ले स्टोर से हटा दिया गया।

 

दरअसल, पिछले कुछ महीनों से पंजाब में सिख रेफ्रेंडम 2020 के नाम से सीमा पार के कुछ राष्ट्रविरोधी संगठन माहौल खराब करने की कोशिश में हैं। यह प्रदेश और आसपास के इलाकों में आतंक को फिर से जिंदा करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। इसी बीच एक मोबाइल एप भी सामने आ गया।

 

कैप्टन ने दावा किया था कि इस ऐप्प के पीछे मंशा स्पष्ट रूप से गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए चल रहे समागमों के दरमियान सिख भाईचारे को प्रभावित करने की है। ऐसे में 2020 सिख रेफ्रेंडम ऐप्प को  गूगल को तुरंत प्रभाव से बैन करना चाहिए।


सीएम ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को एप के लांच होने से पैदा हुए खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल करने को भी कहा था। मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाए थे कि एक कट्टर अलगाववादी ग्रुप को ऐसे एप की मंजूरी गूगल द्वारा कैसे और क्यों दी गई? सीएम ने ऐसे एप को पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था। इस बात को गंभीरता से लेते हुए गूगल ने अपने प्ले स्टोर से हटा दिया। 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना