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  • 28 Days After The Wedding, The Marriage Gave Birth To A Child; Case Reported After Complaining Of Abdominal Pain, Child Missing

शादी के 28 दिन बाद विवाहिता ने बच्चे को जन्म दिया; पेट में दर्द की शिकायत के बाद सामने आया मामला, बच्चा लापता

एक वर्ष पहले
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सिविल अस्पताल माहिलपुर। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल माहिलपुर।
  • माहिलपुर में अलग तरह का मामला, शादी के दौरान परिवार को लड़की के गर्भवती होने का पता ही नहीं चला
  • ससुरालियों का आरोप- नर्स ने 60 हजार में बच्चा बेच दिया, नर्स बोली- ससुरालियों ने किसी को दे दिया

माहिलपुर. सिविल अस्पताल माहिलपुर में शुक्रवार को 28 दिन की विवाहिता को पेट दर्द के चलते आपातकालीन हालात में भर्ती कराया गया लेकिन उसके साथ आए लोग तब हैरान रह गए जब डॉक्टर ने उसे गर्भवती और प्रसव पीड़ा में बताया। मध्य रात्रि करीब 12 बजे महिला ने एक बेटे को भी जन्म दिया। इसके बाद नवजात अस्पताल से गायब हो गया। चर्चा यह है कि अस्पताल की महिला कर्मी की सहायता से नवजात को माहिलपुर के करीबी गांव में 60 हजार रुपए में बेच दिया गया है।


अस्पताल में भर्ती महिला के सास-ससुर ने बताया कि उनके लड़के की शादी 15 फरवरी को हुई थी। उस समय बहू के गर्भवती होने के बारे में पता नहीं चला। गुरुवार को करीब 10 बजे बहू ने पेट दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद रात 12 बजे बहू ने अस्पताल में बेटे को जन्म दिया। जिसे वह रखना नहीं चाहते थे क्योंकि वह इसे अपनी बेइज्जती मानते थे। यह बात सिविल अस्पताल के स्टाफ के पास गई तो एक नर्स ने कहा कि यदि वह बच्चा नहीं रखना चाहते तो वह उनका बच्चा किसी जरूरतमंद को दिला देगी। इसके बाद उक्त नर्स ने बच्चा किसी को दो दिया। जिसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

कैंडोवाल निवासी को बच्चा बेचने की चर्चा
सिविल अस्पताल माहिलपुर में महिला के ससुर ने कहा कि नर्स ने उनकी बहू के हुआ लड़का किसी को दिया है। पर मौके पर नर्स ने इस मामले में इंकार कर दिया और कहा कि उसने तो बच्चा एक ओपीडी में आए मरीज को ही दिलाया है जिसका वह पता नहीं जानती। देर शाम तक यह ड्रामा चलता रहा। वह नर्स भी बीच में ही छुट्टी लेकर चली गई। कस्बा में चर्चा है कि उक्त नर्स ने नवजात को एक महिला डॉक्टर की सहायता से माहिलपुर के गांव कैंडोवाल निवासी एक व्यक्ति को बेचा है जिसकी शादी करीब आठ वर्ष पहले हुई थी पर उसके कोई बच्चा पैदा नहीं हुआ।

मामला लग रहा शकी : तहसीलदार
किसी बच्चे को गोद लेने की एक कानूनी प्रक्रिया है। ठीक है बच्चे को गोद लेने से पहले अपने भाईचारे में बैठकर गोद लेने की सेरेमनी होती है। उसके बाद ही बच्चे को सरकारी तौर पर सब रजिस्ट्रार से गोदनामा कराना होता है। यदि कुछ ऐसा हुआ है तो वह मामला शकी हो जाता है। -भूपिंदर सिंह तहसीलदार गढ़शंकर

मामले की जांच जारी है : एसएमओ
इएमओ डॉ. डिंपल ने कहा कि मरीज तो अस्पताल में भर्ती था पर वह किसी से बिना कोई छुट्टी लिए ही चले गए। वहीं, एसएमओ डॉ. सुनील अहीर ने कहा कि उन्हें मालूम पड़ा था कि अस्पताल में इस तरह का कुछ घटा है। इसकी जांच की जा रही है पर आरोपी नर्स इस बात से मुकर रही है।

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