केएल सहगल हॉल में ‘जब शहर हमारा सोता है’ नाटक का मंचन

Jalandhar News - जालंधर| केएल सहगल हॉल में चल रहे युवा रंग उत्सव के आखिरी दिन रविवार को पीयूष मिश्रा के नाटक ‘जब शहर हमारा सोता है’...

Nov 11, 2019, 07:56 AM IST
जालंधर| केएल सहगल हॉल में चल रहे युवा रंग उत्सव के आखिरी दिन रविवार को पीयूष मिश्रा के नाटक ‘जब शहर हमारा सोता है’ का मंचन किया गया, जो शेक्सपीयर के नाटक रोमियो जूलियट का हिंदी अनुवाद है। इसमें दिखाया गया कि युवा लड़कों के दो गुट जमीन के एक टुकड़े को लेकर अापस में भिड़ जाते हैं। एक गुट फनियर हिंदू लड़कों का और दूसरा ग्रुप खंजर मुस्लिम लड़कों का है। धीरे-धीरे दोनों में नफरत बढ़ती जाती है। इस बीच कहानी में पहला मोड़ तब आता है, जब खंजरों की लड़की तराना को फनियरों के लड़के आभास से प्यार हो जाता है। तराना आभास से वादा लेती है कि दोनों गुटों की दुश्मनी को खत्म कर दे, ताकि खूबसूरत जिंदगी जी सकें। कहानी में दूसरा मोड़ तब अाता है, जब लड़ाई में अचानक असलम के हाथों फनियर के लीडर विलास का खून हो जाता है। अपने दोस्त को मरता देखकर गुस्से में आया आभास खुद को रोक नहीं पाता और असलम को मार देता है। असलम का साथी अकील तराना को बता देता है कि आभास ने उसके भाई को मार दिया है। अब प्यार नफरत में घिर जाता है, लेकिन जब तराना को पता लगता है कि हुआ क्या था वो आभास का साथ नहीं छोड़ती। मगर नफरत में डूबा अकील आभास को मार देता है। अंकुर शर्मा द्वारा निर्देशित इस नाटक में कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से किरदारों को जीवंत कर दिया। मुख्य भूमिका में अंकुर शर्मा, शायना, विशेष, सर्वप्रीत, निधि, विक्रम, अभिषेक भारद्वाज, दीपक, रोहन, सार्थक, मन्नत सोनी, अभय, पंकज, प्रियांशु, रोहन और चाहत ने निभाई।

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