पंजाब / सतलुज और रावी दरिया ओवरफ्लो, रोपड़ में 40 गांव डूबे, 250 झुग्गियां बहीं



रोपड़ : घरों में घुसा पानी, सड़क पर जनजीवन रोपड़ : घरों में घुसा पानी, सड़क पर जनजीवन
हजारों एकड़ फसलों में भरा पानी हजारों एकड़ फसलों में भरा पानी
खन्ना-नवांशहर हाईवे पर बहता पानी। खन्ना-नवांशहर हाईवे पर बहता पानी।
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रोपड़ : घरों में घुसा पानी, सड़क पर जनजीवनरोपड़ : घरों में घुसा पानी, सड़क पर जनजीवन
हजारों एकड़ फसलों में भरा पानीहजारों एकड़ फसलों में भरा पानी
खन्ना-नवांशहर हाईवे पर बहता पानी।खन्ना-नवांशहर हाईवे पर बहता पानी।

  • रोपड़-नवांशहर में 31 साल बाद बाढ़, खन्ना-नवांशहर हाईवे पर सड़क पर बह रहा पानी, आवागमन बंद
  • भाखड़ा से 54 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा, पौंग डैम पर बिजली बनाने का काम बंद

Dainik Bhaskar

Aug 19, 2019, 07:37 AM IST

रोपड़/नवांशहर/खन्ना/समराला. हिमाचल और पंजाब में शनिवार से लगातार हो रही बारिश का पानी सतलुज और रावी दरिया में आने से दोनों दरिया उफान पर हैं। डैम का जलस्तर 1679 फीट पहुंच गया। रोपड़ में सतलुज का पानी ओवर फ्लो होने से 40 गांव डूब गए और 250 से ज्यादा झुग्गियां बह गईं। हजारों लाेग बेघर हो गए और फसलें तबाह हो गईं। बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ और समाजसेवी संस्थाओं ने रेस्क्यू किया। कई जगह लोग घरों की ऊपरी मंजिलों में फंसे हुए हैं वहीं, बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें परिवार के साथ सड़कों में शरण लेनी पड़ रही है। ऐसी बाढ़ रोपड़ और नवांशहर में 31 

 

साल पहले यानी 1988 में आई थी। उस समय भी हजारों लोगों को बेघर होना पड़ा था। रोपड़ में बुधकी नदी और भियोरा गांव के पास बांध टूटने से नवांशहर में भी बाढ़ आ गई है। शनिवार रात और रविवार शाम तक दरिया में समय-समय एक लाख 89 हजार क्यूसिक से लेकर दो लाख 23 हजार क्यूसिक पानी चला। बाढ़ के हालात के चलते 67 गांवों को खाली करने के आदेश दिए हैं। बलाचौर अस्पताल में 3-3 फीट पानी भर गया। मरीजों को नवांशहर शिफ्ट करना पड़ा। 

 

वहीं, खन्ना-नवांशहर हाईवे पर गड़ी पुल के पास दरार पड़ने से खन्ना का नवांशहर से संपर्क टूट गया है। देर शाम आनंदपुर साहिब में नदी टूटने के बाद समराला, माछीवाड़ा इलाके के अंतर्गत आते में पानी भरने लगा था। लोगों ने प्रशासन से इससे निजात दिलाने की मांग की लेकिन जब देर रात तक कोई हल ना हुआ तो गांववासियों ने पानी की मार से बचने के लिए खुद ही सड़क पर पाड़ लगा दिया। समराला के साथ लगते गांवों उरना, मुशकाबाद, खिरनियां, बरमा, गड़ी पाल माजरा में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। इससे इन गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हैं। फसल डूब गई। समराला माछीवाड़ा रोड़ पर पानी ही पानी चलने लगा।

 

इस रोड से खन्ना नवांशहर जाने वाली सारी ट्रैफिक निकलती है। खन्ना में ही बारिश के दौरान घर की छत गिर गई। इसमें नौ साल के बच्चे और उसके माता-पिता की मलबे में दबने से मौत हो गई। श्री माछीवाड़ा साहिब में भी भाखड़ा बांध से पानी छोड़ने के बाद सतलुज दरिया में 2 लाख 40 हजार से अधिक क्यूसिक पानी चल रहा है जो खतरे के निशान से ऊपर है। शाहपुरकंडी में रणजीत सागर बांध परियोजना झील में लगभग 2 मीटर से अधिक की जलस्तर बढ़ोतरी हुई है। 

 

फिरोजपुर में सतलुज का पानी सोमवार सुबह तक पहुंचने की आशंका के चलते एसडीएम ने निचले और फ्लड सेंसेटिव गांव के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के आदेश दिए हैं। यहां 58 गांवों को खाली करने के आदेश दिए हैं।

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