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फैक्ट्री मालिक- रोज बनाता हूं 12 क्विंटल सिंथेटिक पनीर, घातक नहीं

पुलिस ने फैक्ट्री मालिक टेकचंद को पठानकोट में घर से गिरफ्तार किया, एक दिन के रिमांड पर

Danik Bhaskar | Feb 09, 2018, 06:35 AM IST

गुरदासपुर. बुधवार को पुलिस ने संगलपुरा रोड स्थित एक फैक्ट्री में रेड कर 6.25 क्विंटल मिलावटी पनीर बरामद किया था। वहां से तीन मजदूरों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर फैक्ट्री भी सील कर दी गई थी। मिलावटी पनीर बनाने की फैक्ट्री चलाने वाले आरोपी को पुलिस ने बुधवार देर रात उसके पठानकोट स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने वीरवार को फैक्टरी मालिक का साथ देने पर फैक्ट्री में काम करने वाले तीन कर्मियों को भी आरोपी बनाकर उनके खिलाफ परचा दर्ज कर लिया। सभी को सीजीएम मोहित बंसल की कोर्ट में पेश किया गया। यहां से कोर्ट ने टेकचंद को एक दिन के रिमांड पर और तीन अन्य को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सिटी थाना इंचार्ज राजेंदर सिंह ने बताया कि पनीर को डिस्ट्रॉय करने के आदेश अभी कोर्ट से नहीं मिले हैं।

थाने में टेकचंद ने भास्कर को बताया कि उसके पनीर में किसी भी तरह की मिलावट नहीं है। पुलिस के आरोप गलत हैं। वह पनीर को आईएसआई मार्का वाले सिंथेटिक पाउडर से बनाता था। इसमें फैट कम होता है। आजकल डॉक्टर भी कम फैट वाली चीजें खाने की सलाह देते हैं। टेकचंद ने बताया कि उसकी फैक्ट्री में रोज करीब 10-12 क्विंटल पनीर बनता है। डॉ. अनुराग अग्रवाल ने कहा कि सिंथेटिक दूध को रिफाइंड ऑयल, चर्बी, यूरिया, सोडा, कास्टिक, चीनी, डिटरजेंट, नमक और सतरीठा से तैयार किया जाता है। यह बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व बच्चों के लिए घातक है। इसके सेवन से बच्चों का विकास रुक सकता है। इसके साथ ही यह पनीर हार्ट, लीवर, किडनी और गॉल ब्लैडर को डैमेज करता है।

15 साल पहले डेयरी में काम करता था टेकचंद
मिलावटी पनीर बनाने की फैक्ट्री चलाने वाले टेकचंद सैनी 15-16 साल पहले गीता भवन रोड पर एक डेयरी पर काम करते थे। यहां उन्होंने पनीर बनाना सीखा था। इसके बाद उसने उसने संगलपुरा रोड स्थित एक मकान को किराए पर लेकर वहां पर पनीर बनाने की फैक्ट्री खोल दी। टेकचंद के बातों से साफ है कि शहर में पिछले कई सालों से यह गोरखधंधा चल रहा है। टेकचंद सैनी मूल रूप से पठानकोट का निवासी है। उसकी टंकी रोड पर सैनी स्वीट्स नामक एक दुकान भी है। इस दुकान को उसके दो लड़के संभालते हैं। बता दें कि टेकचंद पार्षद का चुनाव भी लड़ चुका है।