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सर्दियों की शुरुआत में ही केशोपुर वेटलैंड पर पहुंचे 21 हजार माइग्रेटरी बर्ड्स

रेअर साइबेरियन परिंदे सारस क्रेन तथा कामन क्रेन टूरिस्टों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हैं।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 04:13 AM IST
केशोपुर कम्युनिटी रिजर्व की शोभा बढ़ाने को इन पक्षियों ने जमाया डेरा केशोपुर कम्युनिटी रिजर्व की शोभा बढ़ाने को इन पक्षियों ने जमाया डेरा

पठानकोट. केशोपुर कम्यूनिटी रिजर्व में इस बार प्रवासी परिंदों की संख्या करीब 21 हजार पहुंच गई है। पिछले सालों की अपेक्षा इस बार अधिक परिंदों की आमद से वाइल्ड लाइफ विभाग उत्साहित है। उसका मानना है कि इस सर्दियों में प्रवासी परिंदों की संख्या 30 हजार के पार जा सकती है। इस साल रेअर साइबेरियन परिंदे सारस क्रेन तथा कामन क्रेन टूरिस्टों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बने हैं।

केशोपुर शाला पत्तन में 850 एकड़ में फैले कम्यूनिटी रिजर्व में हर साल सर्दियों में प्रवासी परिंदे बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। वाइल्ड लाइफ विभाग जनवरी में पक्षियों की गणना भी कराता है। पिछले साल 22 हजार 182 प्रवासी परिंदों ने केशोपुर में डेरा जमाया था। वाइल्ड लाइफ विभाग पठानकोट के डीएफओ राजेश महाजन बताते हैं कि इस बार सर्दियों के शुरुआत में ही 21 हजार के करीब परिंदे पहुंच चुके हैं और इसी प्रकार की आमद रही तो इस साल 30 हजार के ऊपर जा सकते हैं। जो पिछले कई सालों का रिकार्ड होगा। विदेशी परिंदों की आमद बढ़ने का कारण वह उनके अनुकूल वातावरण को समझते हैं। साथ ही घास-फूस हटवाकर पानी का एरिया क्लियर करने के कारण भी आमद बढ़ी है।

टूरिज्म प्रोजेक्ट पर खर्च किए 4.5 करोड़ रुपए
साल2006 में कम्यूनिटी रिजर्व घोषित केशोपुर में वाइल्ड लाइफ विभाग केशोपुर वेटलैंड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चला रहा है, जिस पर 4.5 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। प्रोजेक्ट के तहत टूरिस्टों को पक्षियों के बारे में जानकारी देने को 3 एकड़ क्षेत्र में इंटरप्रेटेशन सेंटर तथा अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। बर्ड वाचिंग टावर भी बनाए गए हैं। विभाग का मानना है कि सुविधाओं के बाद यहां टूरिस्टों की आमद भी बढ़ी है।

वेटलैंड में 400 के करीब कामन क्रेन ही पहुंचे हैं तथा सारस क्रेन पंजाब के किसी अन्य वेटलैंड में नहीं हैं। इनके अलावा बार हेडेड गीज, कामन पोचार्ड, पिंटेल, नार्दर्न पिंटेल, नार्दन शावलर, कामन टील तथा ग्रे लेग गूज प्रमुख हैं। विभाग को उम्मीद है कि इसी प्रकार की आमद रही तो इस साल 30 हजार के ऊपर जा सकते हैं।

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