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जिम्नास्ट से पुलिस अफसर बनी ये एथलीट, ऐसे बनी 3 बहन और पिता का सहारा

जिम्नास्टिक के 60 नेशनल, 5 इंटरनेशनल और एक वर्ल्ड कप में भाग लेकर जीते कई पदक।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 01:34 AM IST
पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं रोहिका। पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं रोहिका।

गुरदासपुर. रोहिका जिम्नास्टिक खिलाड़ी और पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर सेवाएं दे रही 1992 में रोहिका का जन्म प्रेम लाल निवासी संगलपुरा रोड गुरदासपुर के घर हुआ। अपनी 3 बहनों में रोहिका सबसे बड़ी है। 6 साल की उम्र में पढ़ाई के साथ-साथ उसने जिम्नास्टिक खेलना शुरू किया और उसे अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया।

- रोहिका ने 60 नेशनल, 5 इंटरनेशनल और 1 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसकी बदौलत ही आज रोहिका पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर बन गई है और जालंधर पीएपी में सेवाएं दे रही है।

- 2016 में उसकी सिलेक्शन पंजाब पुलिस में हुई। इसी साल 2018 में उसने चंडीगढ़ में हुई सीनियर नेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है जिसमें उसने सिल्वर मेडल जीता है।

जूनियर वर्ग मेंं भी जीते 3 गोल्ड और 1 सिल्वर मेडल

- 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर भास्कर संवाददाता ने रोहिका से विशेष बातचीत की। उसने बताया कि 1998 में 6 साल की उम्र में उसने कोच जगतार सिंह से ट्रेनिंग शुरू की।

- 1999 में रोहिका ने सब जूनियर नेशनल गेम्स में अंडर-14 वर्ग में हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में उसने 3 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल प्राप्त किया। इसके बाद उसने बंगलुरू में हुई जूनियर गेम्स में हिस्सा लेकर 3 सिल्वर, 1 गोल्ड व 1 कांस्य पदक जीता।

- 2000 में उसने इंग्लैंड में हुई जूनियर इंटरनेशनल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, 2002 में रशिया में हुई इंटरनेशनल में रोहिका ने गोल्ड मेडल जीता।

- 2004 में बेल्जियम में हुए वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया। वर्ष 2005 में रोहिका ने साउथ इंटरनेशनल इलाहादा में हिस्सा लेकर सिल्वर मेडल जीता।

- एक के बाद एक रोहिका ने 60 नेशनल, 5 इंटरनेशनल और 1 वर्ल्ड कप प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पदक जीते। इन दिनों रोहिका पीएपी जालंधर में सेवाएं दे रही है और अपने खेल को जारी रखे हुए है।

खेल पर फोकस बनाए रखा

- जिम्नास्टिक की जानी-मानी खिलाड़ी रोहिका मध्यमवर्गीय परिवार से है। उसके पिता शादियों में बैंड बजाने का काम करते हैं।

- रोहिका की 3 ओर बहनें हैं, जिनमें से एक जिमनास्टिक की ट्रेनिंग ले रही है, जबकि 2 अन्य पढ़ाई कर रही हैं। रोहिका ने बताया कि 4 बहनों की पढ़ाई का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन था। बावजूद उसने अपने खेल पर फोकस रखा और पीछे मुड़कर नहीं देखा।

- उसने कई मेडल जीते, जिसके चलते उसे स्कूल के दौरान फीस में रियायत मिली। इसका फायदा उसे यह मिला कि परिवार पर उसकी पढ़ाई का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा।

- जिम्नास्टिक खेल में मिले पदकों की बदौलत ही वह अपनी पढ़ाई को जारी रख सकी और अाज इस आेहदे तक पहुंच पाई।

रोहिका पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर बन गई है और जालंधर पीएपी में सेवाएं दे रही है। रोहिका पंजाब पुलिस में सब इंस्पेक्टर बन गई है और जालंधर पीएपी में सेवाएं दे रही है।
6 साल की उम्र में खेलना शुरू किया जिम्नास्टिक। 6 साल की उम्र में खेलना शुरू किया जिम्नास्टिक।
60 नेशनल, 5 इंटरनेशनल और एक वर्ल्ड कप में भाग लेकर जीते कई पदक 60 नेशनल, 5 इंटरनेशनल और एक वर्ल्ड कप में भाग लेकर जीते कई पदक