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10 बाॅक्स से कर सकते हैं शहद उत्पादन, 35 हजार लगा कर ऐसे कमाएं लाखों

शहद के साथ मोम, रॉयल जैली आदि प्रोडक्ट मिलते हैं जो आय बढ़ाने का अच्छा जरिया बन सकते हैं।

Danik Bhaskar | Dec 04, 2017, 01:49 AM IST

जालंधर. बाजार में शहद की बढ़ती डिमांड के कारण अगर कोई मधुमक्खी पालन की सोच रहा है तो वह इस समय शुरुआत कर सकता है। पहली बार शहद उत्पादन का काम करने वाले को इसे 10 बाॅक्स से शुरू करना चाहिए। इस पर तकरीबन 35 से 40 हजार रुपए का खर्च आएगा। 10 बाक्स से तकरीबन दो से ढाई क्विंटल तक शहद मिल सकता है और यदि ज्यादा उत्पादन होता है तो इससे आपकी लाखों की भी कमाई हो सकती है।

एक रानी मक्खी के साथ हजारों श्रमिक मक्खियां
- मधुमक्खी के छत्ते में एक रानी मक्खी के अलावा कई हजार श्रमिक मक्खियां और कुछ काटने वाली भी होती हैं।
- श्रमिक मधुमक्खियों की ग्रंथि से मोम निकलता है जिससे छत्ता बनता है। छत्ते के ऊपरी हिस्से में शहद जमा होता है।

30 फीसदी तक बढ़ जाता है दूसरी फसलों का उत्पादन
- शहद उत्पादन से न केवल आय बढ़ेगी बल्कि तिलहन, सब्जी, नींबू, माल्टा, लीची और अन्य फसलों में भी उसे लाभ होगा।
- इन फसलों का उत्पादन 15 से 30 फीसदी तक बढ़ जाने की उम्मीद है क्योंकि 80 फीसदी पौधे क्रॉस परागण करते हैं और मधुमक्खियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं।

मधुमक्खी पालन से किस-किस फसलों में मिलता है लाभ

फल-मेवे : बादाम, सेब, आड़ू, स्ट्राबेरी, खट्टे फल, लीची।
सब्जियां : पत्ता गोभी, धनिया, खीरा, फूलगोभी, गाजर, नींबू, प्याज, कद्दू, खरबूज, शलगम व हल्दी।
तिलहन : सूरजमुखी, सरसों, कुसुम, नाइजर, सफेद सरसों।
तिलचारा : लुसेरन, क्लोवर घास।

आगे की स्लाइड्स में जानें मधुमक्खी पालन के तरीके और कुछ महत्वपूर्ण बातें...