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नाबालिग बच्चे को थाने में रख थर्ड डिग्री देने का मामला, पहले बयान, फिर करेंगे केस दर्ज

बच्चों के परिजनों ने पुलिस पर धमकाने बयान बदलने का दबाव बनाते रहे।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 06:51 AM IST

बठिंडा. थाना कोतवाली पुलिस की तरफ से चोरी के आरोप में पकड़े गए 12 वर्षीय नाबालिग बच्चे पर थर्ड डिग्री टार्चर करने के मामले में जिला पुलिस शुक्रवार देर सांय से लेकर शनिवार तक बच्चे उसके परिजनों के बयान दर्ज करने में ही लगी रही। इसमें बच्चों को प्रताड़ित किया गया, लेकिन पुलिस इसमें लगाए आरोपों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। शुक्रवार की देर रात तक बच्चों के परिजनों ने पुलिस पर धमकाने बयान बदलने का दबाव बनाते रहे।

वही इस दौरान पुलिसकर्मी पर आरोप लगे कि बच्चे के एक रिश्तेदार पर दायर चोरी के मामलों को लेकर भी रंजिश निकाली जा रही है। आम तौर पर किसी भी मामले की शिकायत थाने में दर्ज करना जरूरी होता है लेकिन पुलिस इस मामले में बच्चे के बयान लेने परिजनों के आरोप के बावजूद मामला दर्ज करने की बजाय जांच करने की बात कह मामले को लटकाने में लगी है।

एसएसपी बठिंडा नवीन सिंगला की तरफ से नियुक्त किए जांच अधिकारी एसपी डी स्वर्ण सिंह का कहना है कि मामले में वह प्राथमिक रिपोर्ट दर्ज करने से पहले आसपास के दुकानदारों अन्य पक्षों के बयान दर्ज करवा रहे हैं इसके बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।

शनिवार को बच्चे के पक्ष में शहर की विभिन्न समाजसेवी संगठन राजनीतिक दल के नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए हर प्रकार का सहयोग देने का भरोसा दिया। इस बाबत पंजाब सरकार, पंजाब ह्यूमन राइट, केंद्रीय बाल विकास स्त्री कल्याण विभाग सहित डीजीपी पंजाब को शिकायत भेजकर पुलिस की तरफ से बच्चे पर किए जुर्म की जानकारी दी। पंजाब दलित ह्यूमन राइट्स के चेयरमैन अशोक महिंद्रा, लोजपा के प्रदेश प्रधान किरणजीत सिंह गहरी, बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रधान आम आदमी पार्टी के नेता पीड़ित बच्चे से मिलने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे।

शनिवार सुबह थाना कोतवाली पुलिस के एक एएसआई हवलदार ने सिविल अस्पताल पहुंचकर नाबालिग के बच्चे के बयान दर्ज कर लिए है। इन बयानों में 13 साल के लखविंदर सिंह ने 24 घंटे पहले थाने में प्रताड़ित करने

गुप्तांग में तेल डालने की बात कही। उसने डंडों लोहे की राड से पीटने का आरोप भी दोहराया। पीड़ित बच्चे की मां अमनदीप कौर ने पुलिस अधिकारियों पर समझौता करने के लिए धमकियां देने के आरोप लगाएं है। शुक्रवार देर रात को थाना कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर दविंदर कुमार ने अपने पुलिस कर्मियों को उनके पास भेजकर समझौता करने के लिए दबाव भी बनाया और नहीं करने पर पुलिस से दुश्मनी महंगी पड़ने की धमकियां दी। पीड़ित बच्चे की मां ने कहा कि वह पुलिस से समझौता किसी भी हाल में नहीं करेगी। रात के समय उन्हें खाली कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए भी कहा लेकिन उनके विरोध के बाद पुलिस कर्मी वहां से धमकी देकर चले गए। उसे अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए और आरोपी पुलिस अधिकारियों पर बनती कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस को दिए बयानों में पीड़ित 12 वर्षीय लखविंदर सिंह ने बार-बार कहा कि वह बेकसूर है और उसने कोई चोरी नहीं की है, लेकिन पुलिस अधिकारी जबरन उसे 6 चोरी की वारदातों कबूल करने के लिए दबाव बना रही थी। पीड़ित ने बताया कि वह 5वीं पास है और अपनी मां के साथ रहता है। 3 दिसंबर रविवार की सुबह करीब 9 बजे वह अपने दोस्त शैटी के घर खेलने जा रहा था। इस दौरान उसे एक पतंग दिखाई दिया, जिसे पकड़ने के लिए माता रानी वाली गली कपड़ा मार्केट की छत पर चला गया। जहां पर घर के मालिक दविंदर सिंह ने उसे पकड़ लिया। उसे पकड़कर थाना कोतवाली ले गए। जहां पर एएसआई कुलविंदर सिंह एसएचओ दविंदर सिंह, एएसआई राजवीर सिंह, एक हवलदार मुंशी ने मिलकर उसके कपड़े उतरवा दिए। एएसआई कुलविंदर सिंह ने उसे सिर के बालों से पकड़ लिया। कुलविंदर सिंह के साथ एसएचओ ने एएसआई राजवीर सिंह से पेट्रोल मंगवाकर उसके गुप्त अंग पर डाल दिया। मैंने पीने के लिए पानी भी मांग, लेकिन उन्होंने दो घंटे तक बंद रखा।