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जहां कैप्टन बांट रहे थे कर्ज माफी सर्टिफिकेट, बैंकों ने लगाए लोन के लिए लुभाने वाले बैनर

कर्ज मुक्ति समारोह में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की माैजूदगी में ही बैंक किसानों को फिर लोन के लिए लुभाते दिखे।

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2018, 05:19 AM IST
cm Launching second phase of the farm debt waiver programme

जालंधर. किसानों को राहत देने के लिए एक तरफ कैप्टन सरकार कर्ज माफी कर रही है। दूसरी ओर कर्ज मुक्ति समारोह में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की माैजूदगी में ही बैंक किसानों को फिर लोन के लिए लुभाते दिखे। बुधवार को सीएम ने नकोदर में कर्ज मुक्ति के सर्टिफिकेट बांटे। इस दौरान कोऑपरेटिव बैंक बैनरों के जरिये लोन का प्रचार करते रहे। माफ होने वाले कर्ज भी इसी बैंक के थे।

दो महीने से कर्ज माफी की रकम खाते में आने का इंतजार कर रहे कई किसान

बठिंडा के 3197 केस जांच में लटके, मानसा में कर्ज जमा हुआ मगर क्लीयरेंस नहीं मिला

पंजाब सरकार ने 7 जनवरी को मानसा से शुरू की कर्ज माफी मुहिम के दूसरे पड़ाव के तहत बुधवार को जालंधर जिले के नकोदर में पांच जिलों के किसानों को मुख्यमंत्री ने कर्ज माफी के सर्टिफिकेट बांटे। कर्ज माफी समागम कर चाहे सरकार यह दावे कर रही है कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले जो वादे किए थे उन्हें पूरा किया जा रहा है। मगर हकीकत यह है कि दो महीने पहले मालवा के पांच जिलों के जिन किसानों का कर्ज माफ किया है उन सभी में अब भी कर्जमाफी के मामले अधर में ही लटक रहे हैं। बठिंडा में 3197 किसानों के कर्जमाफी के केस जांच के चक्कर में लटके हुए हैं, मानसा में किसानों के खातों में रुपये तो जमा हो गए, मगर जांच के चलते उन्हें क्लियरेंस नहीं दिया गया। मोगा में 690 के करीब मामलों में रिफंड की नौबत आ गई है। फरीदकोट के 70 किसानों के केस जांच न होने से लटक गए हैं और ऐसे ही हालात मुक्तसर जिले के हैं।

समागम पर खर्च आया था 35 लाख, 20 लाख के बिल पेंडिंग
7 जनवरी को मानसा में करवाए गए समागम के दौरान मानसा प्रशासन ने 20 लाख रुपए खर्च किए थे। जबकि 15 लाख रुपए तो अकेले गायक गुरदास मान को ही रंगारंग कार्यक्रम करने के लिए अदा करने पड़े, जिसकी अदायगी तो मंडी बोर्ड ने कर दी। मगर मानसा समारोह में पटियाला की फर्म की तरफ से जो टैंट लगाया गया था, उसका 11 लाख रुपए का बिल बकाया है। इसके अलावा 3 लाख का खर्च लंगर का रहा है। मानसा के डीसी धर्मपाल गुप्ता का कहना है कि 20 लाख रुपए के बिल सरकार को भेज दिए हैं, अभी तक उनको कोई फंड नहीं मिला।

फरीदकोट के 70 किसानों के कर्ज माफी के केस लटके : फरीदकोट में पहले फेज के दौरान 4570 किसानों को कर्ज माफी के लिए 17 करोड़ 92 लाख का प्रावधान रखा गया था। 4500 किसानों की करीब 15.93 करोड़ की राशि कर्ज माफी के रूप में उनके खातों में जमा करवाई
गई है बाकी की जांच चल रही है।

जमीन-ट्रैक्टर की कुर्की का प्रावधान खत्म करने से सरकार का इंकार
पंजाब में कर्जदार किसानों की खेती की जमीन और ट्रैक्टर की कुर्की न हो, इस संबंध में एक जनहित याचिका पर पंजाब सरकार ने यू टर्न ले लिया है। पहले पंजाब सरकार की तरफ से कहा गया कि सरकार इस मामले में गंभीरता से विचार कर रही है। जल्दी ही कॉशियस डिसिजन ले लिया जाएगा। बुधवार को इस मामले में जवाब दायर कर कहा गया कि कुर्की के प्रावधान को समाप्त करने की जरूरत नहीं है। गृह विभाग के अंडर सेक्रेटरी राजेश कुमार शर्मा की तरफ से जवाब दायर कर कहा गया कि कर्ज के बोझ तले दबे किसान के आत्महत्या कर लेने पर सरकार की तरफ से तीन लाख रुपये की वित्तीय मदद की स्कीम है। इसके अलावा छोटे किसानों का दो लाख तक का लोन माफ करने की योजना है। खेती की जमीन और ट्रैक्टर की कुर्की संबंधी कानून 110 साल पुराना है लिहाजा इसकी पड़ताल करने की जरूरत है। इस पर हाईकोर्ट ने मामले पर 4 अप्रैल के लिए अगली सुनवाई तय की है।

इधर, बुधवार को कर्ज मुक्ति स्कीम से आखिरी मौके पर मोगा हुआ बाहर
नकोदर में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कर्जा मुक्ति कार्यक्रम भी चर्चा में रहा। पहले जहां छह जिलों के किसानों को कर्ज माफी के सर्टिफिकेट देने थे, उनमें से एक दिन पहले अचानक मोगा जिले का नाम काट दिया गया। इस तरह पहले जहां 40 हजार किसानों के 200 करोड़ के कर्ज माफ होने थे, उनकी संख्या 29,192 कर दी गई और राशि भी कम कर 162 करोड़ रुपये कर दी गई। सबसे ज्यादा कर्ज लुधियाना जिले के किसानों का माफ हुआ है। यहां 11305 किसानों को स्कीम का फायदा मिला। सम्मेलन में 407 किसान ऐसे थे, जिनका पूरा 2 लाख रुपये तक कर्ज माफ हुआ है। सम्मेलन में लुधियाना के बाद दूसरे नंबर पर जालंधर रहा, यहां 7625 किसानों का कर्ज माफ हुआ। तीसरे नंबर पर 5619 किसानों के साथ फाजिल्का, चौथे नंबर पर 2760 किसानों के साथ कपूरथला और पांचवें नंबर पर 1883 किसानों के साथ फिरोजपुर जिला रहा है।

पूर्व सैनिकों की भर्ती रैली तीन अप्रैल को रामगढ़ कैंट झारखंड में होगी
पंजाब रेजीमेंट के पूर्व सैनिको के लिए डिफेंस सिक्यूरिटी कोर (डीएससी) में भर्ती करने के लिए पंजाब रेजिमेंटल सेंटर द्वारा रामगढ़ कैंट झारखंड में तीन अप्रैल से भर्ती रैली आयोजित की जा रही है। सेना के प्रवक्ता अनिल गौड़ ने बताया कि आवेदकों के मेडिकल जांच में स्वस्थ होने के साथ-साथ उसका चरित्र भी श्रेष्ठ होना चाहिए। आवेदक की आयु 46 साल से कम होनी चाहिए और भर्ती होेने और सेवानिवृत्त होने में दो साल या इससे कम का अंतर होना चाहिए। आवेदक को रैली के दौरान पीपीटी टेस्ट पास करना होगा।

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