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कांग्रेस दिखाएगी बागी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता, कार्रवाई करने की पुष्टि

पुष्टि करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद सुनील जाखड़ ने की है।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 07:00 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो


जालंधर/चंडीगढ़. पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम चुनाव में बागी उम्मीदवारों और नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। पार्टी ने उन सभी बागी कांग्रेसी नेताओं जिन्होंने निर्दलीय नामांकन पत्र भरा है या फिर अपने ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव प्रचार में जुटे हैं, उन्हें पार्टी से बाहर करने का फैसला कर लिया है। इसकी पुष्टि करते हुए प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद सुनील जाखड़ ने की है। उन्होंने कहा कि उन सभी नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा जो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के आग्रह पर भी किसी प्रकार नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई को जल्द ही अंजाम दिया जाएगा।

जालंधर में कुल 14 कांग्रेसी नेता पार्टी के खिलाफ मैदान में हैं। इनमें प्रदीप राय और विपन कुमार के नाम भी शामिल हैं जोकि सिटिंग पार्षद हैं। इसी तरह अमृतसर में 21 कांग्रेसी पार्टी से बगावत कर चुनाव मैदान में हैं। पटियाला में हालांकि मात्र एक कांग्रेसी रमा पुरी आजाद चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन उनकी पूर्व केंद्रीय मंत्री परनीत कौर से नजदीकी के कारण उन पर क्या कार्रवाई होती है इस पर निगाह रहेगी।

हार को देखते हुए बौखलाए अकालीः जाखड़
कांग्रेसके प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ का कहना है कि अकाली-भाजपा गठबंधन को निगम चुनाव में अपनी हार नजर रही है। इसीलिए वे बौखलाहट में ऐसे हथकंडों पर उतर आए हैं।

कांग्रेस कर रही है धक्केशाहीः भगवंत मान
‘आप’के प्रदेश अध्यक्ष भगवंत मान का कहना है कि कांग्रेस और अकाली दोनों पार्टियां जनता का नहीं सिर्फ अपना हित चाहती हैं। निगम चुनाव में कांग्रेस पूरी धक्केशाही कर रही है और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है।

सरकारी तंत्र का दुरुपयोग हो रहाः सुखबीर बादल
शिअदके प्रदेश प्रधान सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि कांग्रेस धक्केशाही पर उतर आई है। सरकारी तंत्र का जमकर दुरुपयोग हो रहा है। पुलिस और प्रशासनिक अफसर कांग्रेस वर्कर्स की तरह काम कर रहे हैं।

इस चुनाव में कांग्रेस और अकाली-भाजपा गठबंधन पूरी तरह आमने-सामने हो गए हैं। ये चुनाव दोनों के लिए साख का सवाल बन चुके हैं। सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस नगर निगम चुनाव जीतकर पंजाब की राजनीति में अपने पैर और मजबूत करना चाहती है। वहीं अकाली-भाजपा गठबंधन ये चुनाव जीतकर यह साबित करना चाहता है कि विधानसभा चुनाव में चाहे कांग्रेस को बहुमत मिला, लेकिन गठबंधन अब भी पहले की तरह मजबूत है।