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पति और दोनों बेटों की मौत, अब गृहस्थी आगे कैसे बढ़ेगी सता रही चिंता

6 दिन में दो जिलों के 4 किसानों ने दी जान, भाकियू का दावा-कांग्रेस कार्यकाल में 355 किसान मरे

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:05 AM IST

संगरूर. कर्जमाफी की लिस्ट जारी होने के बाद अब तक संगरूर और बरनाला में चार किसान आत्महत्या कर चुके हैं। हालांकि दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री किसानों के कर्जमाफी के सर्टिफिकेट जारी कर किसानों को राहत देने का दावा कर चुके हैं। मंगलवार को संगरूर के गांव लोहाखेड़ा निवासी किसान हरविंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली है। यदि पंजाब में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की बात की जाए तो भाकियू का दावा है कि कांग्रेस कार्यकाल में पंजाब में 355 से अधिक कर्ज से परेशान किसान अपनी जान दे चुके हैं।


पिता और भाई की भी हो चुकी है मौत:मृतक की माता अमरजीत कौर का कहना है कि हरविंदर सिंह के पिता सुखदेव सिंह की करीब 25 वर्ष पहले खेत में दवा चढ़ने से मौत हो गई थी। उस समय दो छोटे बेटे थे। जिन्हें खुद मेहनत कर बड़ा किया। 8 साल पहले बड़े बेटे बलविन्द्र सिंह की भी सड़क हादसे में मौत हो गई।

घर में कोई नहीं रहा पुरुष
अमरजीत कौर का कहना है कि हरविंदर ने घर को संभाल लिया था। हालांकि बड़ा बेटा अलग रहता था परंतु हरविंदर अपने भाई की जमीन भी खुद ठेके पर लेकर खेती करता था। जिस कारण बड़े बेटे के घर का गुजारा भी चल जाता था। अब घर में कोई पुरुष नहीं बचा है। दोनों बेटों के बच्चे छोटे हैं। गृहस्थी आगे कैसे बढ़ेगी इसकी चिंता सता रही है।

खस्ताहाल मकान में रहते हंै
हरविंदर सिंह के घर की हालत अधिक अच्छी नहीं है। घर के एक हिस्से में हरविंदर सिंह अपने पत्नी बच्चों और मां के साथ रहता था जबकि दूसरे हिस्से में मृतक भाई का परिवार रहता है। हालांकि हरविंदर सिंह के पास 5 एकड़ जमीन है परंतु फसल में लगातार आमदन न होना और कर्जे की राशि नहीं चुका पाने के कारण वह लगातार परेशान चल रहा था।

कर्जमाफी की लिस्ट के बाद 4 किसानों ने की आत्महत्या
बता दें कि 4 जनवरी को संगरूर के गांव रोडेवाल का किसान सिकंदर सिंह ने कर्जे माफ नहीं होने के कारण अपनी जान दे दी थी। 5 जनवरी को बरनाला के किसान ने मौत को गले लगा लिया था। अब मांगलवार को हरविंदर सिंह और गांव लहल कलां के नौजवान किसान हरदीप सिंह ने कर्ज से परेशान होकर अपनी जान दे दी है।