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किडनैपिंग केस में पिता डेढ़ महीने से हैं जेल में, पुलिस के डर से बेटे ने ट्रेन से कटकर जान दी

संदीप वहां से पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने उसके घर रेड की।

Danik Bhaskar | Jan 10, 2018, 07:31 AM IST

जालंधर. सूरानुस्सी के पास सोमवार रात करीब तीन बजे किडनैपिंग के आरोपी 22 साल के संदीप ने ट्रेन के आगे कूद जान दे दी। संदीप, उसके पिता गुरबख्श सिंह और रिश्तेदार जसविंदर सतविंदर पर पुलिस ने नवंबर 2017 में असलम नामक सिक्योरिटी गार्ड को किडनैप करने का पर्चा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने गुरबख्श सिंह को अरेस्ट कर जेल भेज दिया था, जबकि संदीप समेत तीन आरोपी फरार थे। पुलिस से बचने के लिए संदीप घर से फरार था।

पुलिस ने परिवार पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाया तो सोमवार दोपहर संदीप, जसविंदर और सतविंदर कोर्ट में सरेंडर करने आए थे। जसविंदर और सतविंदर ने सरेंडर कर दिया पर संदीप वहां से पुलिस को चकमा देकर भाग निकला था। पुलिस ने उसके घर रेड की।

देर रात संदीप ने सूरानुस्सी में सचखंड एक्सप्रेस के आगे कूद सुसाइड कर लिया। सुसाइड नोट में संदीप ने किडनैपिंग का पर्चा दर्ज करवाने वाले इसराइल को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मामले की जांच कर रहे एएसआई बलविंदर सिंह ने कहा कि सुसाइड नोट में मृतक संदीप सिंह ने लिखा है कि उसकी और उसके परिवार की कोई गलती नहीं है। उन्हें फंसाया गया है। पुलिस उसे ढूंढ रही थी। इसी डर से वह जान दे रहा है। उसकी मौत का जिम्मेदार किडनैपिंग का पर्चा दर्ज करवाने वाला इसराइल है। पुलिस अब जसविंदर और सतविंदर को 11 जनवरी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी।

अपहरणके बाद से ही असलम पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है।
घरवालों को असलम का मोबाइल फोन और बाकी सामान तो मिल गया मगर आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। कॉलोनी वाले इतना तो कहते हैं कि वह रात को काम पर आया था, मगर किसी ने उसके साथ आरोपियों को नहीं देखा। आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। संदीप की आत्महत्या ने मामले में नया मोड़ ला दिया है। उसने अपने सुसाइड नोट में असलम के पिता इसराइल पर झूठा केस दर्ज कराने और अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। असलम के मिलने के बाद ही इस मामले की सच्चाई का पता चल सकेगा।

केस दर्ज होने के बाद अंडरग्राउंड था संदीप
असलम के पिता इसराइल ने बताया कि घटना वाले दिन बेटे के दो फोन पर बार-बार फोन किए पर कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा था। आसपास जब चैक किया तो खुंडाला कॉलोनी में काफी देर से खड़ी एक कार में दोनों मोबाइलों की रिंग बज रही थी। चेक करने पर बेटे के मोबाइल, रोटी का डिब्बा और कंबल भी मिल गया। बेटे की तलाश कर रहे थे तो एक बाइक पर सतविंदर सिंह, संदीप सिंह उर्फ सीपा और जसविंदर सिंह आए। उन्होंने रुकने का इशारा किया पर वह वहां से निकल गए। 15 मिनट बाद वे दोबारा आए तो उन्होंने पूछा कि बेटा कहां है? इस पर वह बेटे को ढूंढने की बात कहकर फरार हो गए। उनका रवैया देख यकीन हो गया कि इन लोगों ने कही असलम को किडनैप किया है। इस संबंध में थाना मकसूदां पुलिस ने संदीप के पिता गुरबख्श सिंह को नवंबर 2017 में अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। संदीप को पकड़ने के लिए पुलिस रेड कर रही थी पर वह पकड़ में नहीं रहा था। पुलिस से बचकर करीब दो महीने से भाग रहे संदीप ने मंगलवार रात तीन बजे ट्रेन के आगे कूद आत्महत्या कर ली।


संदीप और तीन अन्य पर 17 नवंबर 2017 को मकसूदां में पर्चा दर्ज हुआ था। गांव लिद्दड़ां के इसराइल ने कंप्लेंट दी थी कि उनका 25 साल का बेटा असलम सिक्योरिटी गार्ड की जॉब के साथ-साथ जनता कॉलोनी में एक कंप्यूटर सेंटर में कोर्स करता था। वहीं पर गुरबख्श सिंह के भाई की बेटी और सतविंदर की बहन भी कंप्यूटर कोर्स करती थी। सतविंदर सिंह उर्फ काका को शक था कि असलम का उसकी बहन के साथ संबंध है। असलम कंप्यूटर सेंटर से फ्री होने के बाद रात सात बजे से लेकर सुबह सात बजे तक सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी करने खुंडाला कॉलोनी जाता था। 17 नवंबर की शाम सात बजे असलम ड्यूटी पर जाने के लिए साइकिल पर निकला था। 18 नवंबर की सुबह असलम घर नहीं आया तो परिवार ने तलाश शुरू की। खुंडाला कॉलोनी भी गए पर बेटे की कोई खबर नहीं मिली। आसपास के लोगों ने बताया कि असलम रात को काम पर आया था। वहीं पर सतविंदर सिंह और जसविंदर सिंह उर्फ राजन बाइक लेकर घूम रहे थे।